
रिपोर्ट:-सुजीत कुमार
लखीसराय – संग्रामपुर पंचायत के भंडार के मुसहरी टोला में लोन की ठगी करने का मामला उभरते ही बैठक किया गया लेकिन बैठक करने के बाबजूद निदान होता नहीं दिख रहा और अब भी कलह होता दिख रहा है। इसको लेकर महिला आपस में अपने पति से डाट फटकार खा रही है। इस मामले में बैठक होने पर मामले को सुलझाने की बात कही गई थी पर मामला अब तक नहीं सुलझा।

मामले में फसी लौंगिया देवी ने कहा कि अगर हमें लोन की धोखाधड़ी करना होता तो हम इतने दिनों से जो लोन भर रहे हैं आखिर वह क्यों भरता। मैं गाय गोरू को बेच कर इनका लोन भर रहा हूं एकाध माह छूट जाने पर ऐसा किया जा रहा है। इन्होंने कहा कि मैने इस रकम को बिजनेश में लगा दिया और वह फस गया। जब बिजनेश से पैसा आ रहा था तो लगातार लोन की रकम भरा जा रहा था पर हमे नहीं पता था कि बिजनेश बंद हो जाएगा। इन्होंने कहा कि ये बिजनेश stf कंपनी का था जिसको करवाने वाला इंटौन का राजीव रंजन था इसके साथ मनीष सिंह भंडार का रहने वाला था वो इसे करवा रहे थे इस माह भी पैसा आयेगा और मैं लोन की रकम उससे भर दूंगी।

इन्होंने कहा कि इनलोगो का पैसा मैने दस दस हजार देकर लिया था। वही अन्य महिला ने कहा कि लौंगिया देवी घर आकर दो दिनों के लिए कह कर रकम ली थी। लेकिन साल बीतने के बावजूद पैसा नहीं भरा जा रहा है। मामले को लेकर पंचायत समिति निरंजन पासवान ने कहा कि ये संशय का विषय है इस पंचायत में आज इसको लेकर पति पत्नी में झगड़ा हो रहा है। अब लोन लेने के बाद किसी के पति को पता ही नहीं चल रहा है कि किसकी पत्नी ने कितना लोन लौंगिया देवी को दिया है।अब ऐसे में प्रशासन द्वारा बैंक कर्मी पर कार्यवाही होनी चाहिए क्योंकि बैंक कर्मी किसी दूसरे को पति बनाकर लोन दिया जबकि पति यहां मौजूद नहीं था।
ये बात पति के जानकारी में नहीं है। अब ऐसे में झूठा मुहर झूठा साइन कर लौंगिया देवी के झांसे में यह काम बैंक कर्मी ने किया है। बैंक कर्मी पति पत्नी के सहमति से लोन देने का काम करे। संग्रामपुर पंचायत के सरपंच मकेश्वर महतो ने कहा कि हरिजन टोला में लोन लेने की बात आई है। मैं लोन देने वाले और लेने वाले में अब सामंजस्य बना इसे पूरा करे लेकिन इस संबंध में आवेदन नहीं आया है।
अब अगर कार्यवाही हो तो हम क्षेत्रीय थाना को इसकी सूचना देंगे। सुखदेव मांझी ने कहा कि इस लोन भरने को लेकर पति बाहर से कमाकर आता है और रकम देकर लोन की रकम की भरपाई करता है पर जो भरपाई नहीं कर पाती हैं वो महिला कर्ज के कारण आत्महत्या करने को उतारू हो जाती हैं जिसमें मैने जाकर बचाव किया है। समपरी देवी ने कहा कि दूसरे का वोटर कार्ड दिखा कर हम अनपढ़ को बहलाकर लोन ले लिया गया।
जिसमें वोटर कार्ड फूलचंद साव है जबकि ये मेरे पति का वोटर कार्ड नहीं है। ज्ञात हो कि रुणा देवी पति अर्जुन मांझी 40,000, कबूतरी देवी पति नारंगी मांझी 1,60,000, गीता देवी सतीश मांझी 1,15,000 , रातों देवी पति अनीस दास 75,000,लाखों देवी पति धीरज मांझी 80,000, लगनी देवी पति पैरु मांझी 75,000, संजू देवी पति राजेश मांझी 1,55,000, शकुनि देवी पति कारू साव 123000, जीरा देवी पति विपिन कुमार 90,000, पुतुल देवी पति बिरजू दास 1,50,000, गायत्री देवी पति संजय मांझी 30,000, रेणु देवी पति धर्मेंद्र दास 1,38,000, सोनी देवी पाती धर्मेंद्र दास 1,60,000, कैली देवी पति सुरेश मांझी 70,000, बिछी देवी पति तेतर मांझी 50,000, चमेली देवी पति बिहारी मांझी 70,000, सोनिया देवी पति अरुण मांझी 1,05,000, कुंदनी देवी पति जमुना मांझी 1,30,000 ,कारी देवी पति सीताराम मांझी 1,05,000, सोनपरी देवी पति फूलचंद साव 1,25,000, दौरा देवी पति धर्मेंद्र दास 35,000, फेकनी देवी पति दुर्गादास 1,25,000, सुरनी देवी पति केदार दास 1,00,000, गीता देवी पति जालो मांझी 1,05,000, गंगिया देवी पति मोती मांझी 80,000 की रकम ली गई जिसकी कुल रकम 22,86,000 (बाइस लाख छीयासी हजार) आंकी गई।
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