
संवाददाता :नरेश विश्वकर्मा

निरसा स्थित केएसजीएम कॉलेज के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रामेश्वर प्रसाद शुक्ला के सेवानिवृत होने पर शुक्रवार को कॉलेज के प्राध्यापकों एवं कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्रों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

उक्त अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि प्रोफेसर रामेश्वर प्रसाद शुक्ल ने 1988 में कॉलेज में योगदान दिया था। 36 वर्षों तक उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षित करने के साथ-साथ कॉलेज के उत्तरोत्तर विकास में अपना अहम योगदान निभाया। उनके द्वारा पढ़ाए गए कई विद्यार्थी आज विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे हैं। 30 सितंबर को उनका कार्यकाल कॉलेज से समाप्त हो गया। उनकी विदाई करते हुए हम सभी को काफी पीड़ा हो रही है परंतु जो सेवा में आया है उसे एक दिन सेवा निवृत होना ही है। इससे पूर्व 1993 से 1996 तक उन्होंने बीएसके कॉलेज मैथन में अतिथि प्राध्यापक के रूप में भी कार्य किया था। हम सभी उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं। वे जहां भी रहे कॉलेज के प्रति अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें।
उक्त अवसर पर प्रोफेसर रामेश्वर प्रसाद शुक्ला ने कहा कि कॉलेज में 36 साल कैसे बीत गए पता ही नहीं चला। विद्यार्थियों एवं सहकर्मियों का सदैव सहयोग मुझे मिला। आप सभी लोगों का सहयोग मुझे आगे भी मिलता रहेगा ऐसा मुझे पूर्ण विश्वास है।
मौके पर प्रोफेसर उदय शंकर सिंह, प्रोफेसर सपन कुमार लायक, पूर्ववर्ती छात्र विजय श्रीवास्तव, बृजेंद्र वर्मा, संजय सिंह, पूर्णेन्दु दत्ता, विकास सिंह आदि मौजूद थे।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
