
21 अगस्त को बड़कागांव भी रहेगा बंद।

बड़कागांव : एसटी,एससी के आरक्षण का वर्गीकरण के विरोध करने को लेकर देशव्यापी आंदोलन भारत बंद 21 अगस्त को बड़कागांव में बंद रहेगा. इस संबंध में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संघ के सदस्यों ने बैठक कर निर्णय लिया. बैठक के बाद बड़कागांव थाना में बंद को लेकर लिखित सूचना दी गई. 20 अगस्त के शाम को मसाल जुलूस निकाला गया. वक्ताओं ने कहा कि सदियों से लेकर अब तक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के साथ अन्याय होता रहा है. भले ही अन्य जाति के लोग साथ में उठते- बैठते हैं लेकिन मानसिक रूप से आज भी वे भेदभाव करते हैं. एसटी एवं एससी समुदाय के लोग आज भी आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं. निजी संस्थानों में भी आरक्षण नहीं मिलता है. इसका ताजा उदाहरण बड़कागांव में कोल कंपनियां है. निजी स्कूलों में आज भी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों का आरक्षण नहीं दिया जाता है. ऐसी स्थिति में हम हमारे अधिकांश बच्चे शैक्षणिक, राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े हुए हैं . पैसे की कमी के कारण उच्च शिक्षा, विज्ञान की शिक्षा, तकनीकी शिक्षा नहीं कर पाते हैं.माननीय सर्वोच्च न्यायालय आग्रह है कि हमारे स्थिति को देखते हुए हमें वर्गीकृत नहीं किया जाए. बैठक में मुख्य रूप से प्रमुख प्रतिनिधि हेमंत भुइयां, पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि सह भोक्ता समाज के अध्यक्ष कुलेश्वर गंझू, मुखिया संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपक दास, पूर्व मुखिया बिशुन रजक, पूर्व मुखिया श्रीकांत निराला,

रविदास महासभा के प्रखंड अध्यक्ष प्रभु राम, अखिल भारतीय भुइयां समाज के प्रखंड अध्यक्ष प्रभु भुइयां , कृष्णा राम, पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि सुरेश चौधरी, दिनेश्वर राम पासवान, रविदास महासभा के नगर अध्यक्ष रामेश्वर राम, रघुनाथ राम, नरेंद्र राम, शंकर कुमार भुइयां ,सतीश कुमार दास, गिरजा भुइयां ,राजेश भुइयां, उदय राम, अखिलेश कुमार दास आदि शामिल थे.
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