
संवाददाता अंतर्कथा केरेडारी बालमुकुंद दास
केरेडारी प्रखंड क्षेत्र के 11 गांवों की जमीन के अधिग्रहण को लेकर जारी गजट के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। गजट को रद्द कराने की मांग को लेकर केरेडारी समेत प्रभावित गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण आज रांची कूच कर गए।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी घनी आबादी और पुरखों के समय से चली आ रही जमीन को किसी भी कीमत पर अधिग्रहण की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा। जमीन को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है और वे अपनी मांग को लेकर सरकार के सामने मजबूती से आवाज उठा रहे हैं।

ग्रामीण रांची पहुंचकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपेंगे और 11 गांवों के अधिग्रहण संबंधी गजट को तत्काल रद्द करने की मांग रखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके पुरखों की निशानी, घर-परिवार और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य है।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि बिना ग्रामीणों की इच्छा और हितों को ध्यान में रखे जमीन अधिग्रहण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। जमीन बचाने के लिए गांव-गांव से लोग एकजुट हो रहे हैं और आंदोलन को और तेज करने की तैयारी में हैं।
ग्रामीणों का गुस्सा साफ है—
“पुरखों की जमीन नहीं देंगे, अपना घर-गांव नहीं उजड़ने देंगे। गजट रद्द करो, 11 गांवों की जमीन बचाओ।”
अब देखना होगा कि ग्रामीणों के इस बड़े विरोध और ज्ञापन के बाद राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
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