• Sat. May 2nd, 2026

सरस्वती शिशु मंदिर सरायकेला में मेधा सम्मान समारोह: 90%+ वाले 22 छात्र-छात्राएं सम्मानित

admin's avatar

Byadmin

May 2, 2026
crescent ad

सरस्वती शिशु मंदिर उच्च विद्यालय, सरायकेला में मेधावी छात्र सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के उन सभी 22 प्रतिभाशाली भैया-बहनों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी परीक्षाओं में 90% से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर विभाग के सह प्रमुख श्री ब्रेन कुमार टुडू जी उपस्थित रहे। उनके साथ विद्यालय के अध्यक्ष श्री रामनाथ आचार्य जी, समाजसेवी एवं विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सचिव श्री सुदीप पटनायक जी, विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री प्रसाद महतो जी, समिति सदस्य श्री गुरूचरण महतो जी तथा विद्वत परिषद के सदस्य श्री प्रशांत महापात्र जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

 

इस विशेष अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र श्री शुभम पति जी भी उपस्थित रहे, जिन्हें हाल ही में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा सम्मानित किया गया था। साथ ही 90% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 22 छात्र-छात्राएँ अपने अभिभावकों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ, जिसके पश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। वंदना के उपरांत विद्यालय के प्राचार्य श्री पार्थ सारथी आचार्य जी ने सभी माननीय अतिथियों का परिचय कराया।

 

मुख्य अतिथि श्री ब्रेन कुमार टुडू जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया। इसके पश्चात श्री प्रशांत महापात्र जी ने भी छात्रों को उनके जीवन में निरंतर प्रगति और सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

 

विद्यालय के अध्यक्ष श्री रामनाथ आचार्य जी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और संस्कारों का विकास करना है। उन्होंने यह भी कहा कि बिना संस्कार के शिक्षा अधूरी है। उन्होंने विद्यालय के पूर्व छात्र श्री शुभम पति जी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए छात्रों को अपने लक्ष्य के प्रति सजग और समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया तथा आश्वासन दिया कि विद्यालय के सभी आचार्य विद्यार्थियों के साथ सदैव खड़े रहेंगे।

 

प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को एक प्रेरणादायक कथा सुनाई, जिसमें एक साधारण पत्थर को तराशकर भगवान की सुंदर प्रतिमा में परिवर्तित करने की प्रक्रिया के माध्यम से कठिन परिश्रम और धैर्य का महत्व समझाया।

 

इसके पश्चात सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। साथ ही श्री शुभम पति जी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के हाथों सम्मान प्राप्त किया।

 

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिससे वातावरण और भी प्रेरणादायी बन गया। अंततः शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *