
राजनगर प्रखंड के अंतर्गत सिद्धेश्वर बाबा शिव मंदिर डुमरडीहा में बैशाख संक्रांति के शुभ अवसर पर धूमधाम से छऊ नृत्य एवं भक्ता पाठ का हुआ आयोजन। भोक्ता पाठ के तहत देर रात भक्तों उपासना पूर्वक खरकाई नदी में स्नान कर शिव शक्ति का समर्पित धार्मिक अनुष्ठान किया। भक्तों द्वारा झंडा एवं गोरिया भार का पूजन कर जगत क्षेत्र एवं गांव की खुशहाली की कामना किया।


इस दौरान रामप्रसाद महतो ने कहा कि छऊ नृत्य में चारों युगों का समावेश देखने को मिलता है। शिव शक्ति की समर्पित यात्रा घट का धार्मिक अनुष्ठान सतयुग का वृतांत है।वृंदावनी घट त्रेतायुग व गोरियाभार घट द्वापर युग का वृतांत है , तथा कालिया घट को कामना घट भी कहा जाता है।
छःऊ नृत्य से शैववाद, वैष्णव वाद में पाए गए धार्मिक विषयों के साथ एक संरचित नृत्य के लिए , लोक नृत्य उत्सव विषयों में किया गया है। नृत्य में छःऊ कला केंद्र विक्रमपुर, जागृति क्लब डुमरडीहा , आदिवासी कल्ब डुमरडीहा डूगरीसाई, सिद्धेश्वर बाबा सुपलडीह, प्रगति कला केंद्र डुमरडीहा टोला सुपलडीह एवं छःऊ नृत्य कला केंद्र लखीमपुर ने भाग लिया।
छ:ऊ नृत्य देखने के लिए आसपास , दूरदराज ,उड़ीसा , बिहार ,बंगाल के हजारों दर्शकगण पहुंचे थे ।
छःऊ नृत्य में शामिल कलाकारों में प्रशांत पति , श्रीकांत महतो, प्रभास महतो ,दुबराज महतो, रंजीत कैर्वत , सुकरा मंडल, चिनी वास महतो गुरचरण महतो, नरेश कैर्वत , सुबोध महतो ,अजीत कैर्वत ,सूर्यकांत कैर्वत , दुबराज महतो ,सुभाष महतो , मोतीलाल महतो , जंगल कैर्वत , दामू बारीक , रविंद्र महतो ,कृष्णा कैर्वत , सूर्य प्रसाद महतो , कपिल महतो , सोमनाथ महतो ,सुनामनी मेलगंडी ,राजा लुगुन , लक्ष्मी लुगून , लक्ष्मण नाथ ,पवन नाथ , महादेव पति, सनातन कैर्वत , सुकरा कैर्वत, मुकेश कुमार महतो आदि।
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