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पेमेंट विवाद पर फिटर मजदूरों ने रोका काम, डीजीएम बोले- पूजा की छुट्टी के कारण बंद रहेगा कार्य

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Oct 11, 2026
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बेरमो/बोकारो थर्मल –

 

दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) में बंच लगाने और पोल गाड़ने का कार्य कर रही उड़ीसा की कंपनी लेजर पावर के सात फिटर मजदूरों ने भुगतान नहीं मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया है। सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के रहने वाले हैं और कार्य शुरू होने के समय से ही इस काम में लगे हुए हैं। मजदूरों का आरोप है कि पिछले डेढ़ महीने से उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनके सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

 

काम बंद करने वाले मजदूरों में लालटू रजवार, निताई रजवार, मनोज महतो, सीताराम महतो, प्रदीप महतो, बुलेट महतो और मदन महतो शामिल हैं। मजदूरों के अनुसार, उनकी 37 दिनों की हाजिरी का भुगतान बकाया है। किसी का करीब 24 हजार तो किसी का 25 हजार रुपये तक बकाया हो गया है।

 

मजदूरों ने आरोप लगाया कि स्थानीय हेल्पर मजदूरों को सात से 15 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाता है, जबकि फिटर मजदूरों को भुगतान के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ठेकेदार पक्ष की ओर से सुपरवाइजर राजेश और वीरेंद्र महतो कार्य देख रहे हैं, जबकि कंपनी के हेड का नाम शशि है।

 

मजदूरों का कहना है कि भुगतान को लेकर पहले पांच तारीख और फिर आठ तारीख तक राशि देने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि सात तारीख के बाद भुगतान नहीं होने पर वे काम बंद कर देंगे। अब उन्हें 14 तारीख को 50 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है। मजदूरों के अनुसार, उन्होंने दुर्गा पूजा से करीब एक महीने पहले ही त्योहार को देखते हुए समय पर भुगतान करने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद राशि नहीं मिली।

 

डीजीएम ने पूजा की छुट्टी को बताया काम बंद होने का कारण

 

इस संबंध में डीवीसी के डीजीएम (इलेक्ट्रिकल) सुरजीत सिंह ने कहा कि कोई समस्या नहीं है और लेजर पावर का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि मजदूर पूजा की छुट्टी ले रहे हैं, इसलिए अगले दिन से काम बंद रहेगा और पूजा के बाद दोबारा शुरू होगा। उनके अनुसार, छुट्टियों के दौरान मजदूरों का भुगतान हो सकता है।

 

हालांकि, मजदूरों ने काम बंद करने की वजह बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं होना बताया है। ऐसे में त्योहार से पहले भुगतान को लेकर मजदूरों और कंपनी के बीच बनी स्थिति पर सबकी नजर है।


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