
नबीनगर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

औरंगाबाद जिले के नवीनगर नगर पंचायत के वार्ड संख्या 5 रामनगर में शनिवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल जा रहे बच्चों से भरी एक ओवरलोड पिकअप वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में करीब 15 बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि किसी भी बच्चे की जान नहीं गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।घायलों में खरौंदा गांव निवासी समीर आलम, मनीष कुमार, मोहम्मद तबरेज आलम, समीर रजा, शबाना प्रवीण, पियूष कुमार, एरहान रजा, पलक नूरी तथा दुधार गांव निवासी मुकेश कुमार सहित कई अन्य बच्चे शामिल हैं। सभी बच्चों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकालकर पहले निजी क्लीनिक में प्राथमिक उपचार कराया गया, जबकि कुछ बच्चों को बेहतर इलाज के लिए रेफरल अस्पताल भेजा गया।

जानकारी के अनुसार कॉलेज मोड़ स्थित शिवम पब्लिक स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने के लिए प्रतिदिन एक पिकअप वाहन का उपयोग किया जाता था। शनिवार को वही वाहन रामनगर गांव बच्चों को लेने पहुंचा था। आरोप है कि वाहन की क्षमता से अधिक करीब 20 बच्चों को उसमें बैठाया गया था। इसी दौरान तेज रफ्तार में जा रहा वाहन अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय चालक मोबाइल फोन पर बात कर रहा था और काफी तेज गति से वाहन चला रहा था। चालक की लापरवाही के कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों को ढोने के लिए जिस पिकअप वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह काफी पुराना और जर्जर हालत में था। हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। कई बच्चे चोट लगने से रो रहे थे और डरे-सहमे हुए थे। घटना के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस वाहन से बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा था, वह स्कूल वाहन के रूप में पंजीकृत नहीं था। बावजूद इसके लंबे समय से उसी वाहन से बच्चों का परिवहन कराया जा रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि पहले भी स्कूल प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि नवीनगर क्षेत्र में कई निजी विद्यालय बिना सरकारी निबंधन और सुरक्षा मानकों के कुकुरमुत्ते की तरह संचालित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग, जर्जर वाहन और चालक की लापरवाही बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ साबित हो रही है। घटना के संबंध में विद्यालय के प्राचार्य से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी स्कूल प्रबंधन एवं वाहन मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
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