

बेरमो/बोकारो थर्मल-
बोकारो थर्मल क्षेत्र में गुरुवार को भारी वाहनों से जुड़े दो अलग-अलग हादसों के बाद परिवहन विभाग ने छाई लदे हाईवा के खिलाफ जांच अभियान शुरू कर दिया है। जांच के दौरान सात वाहनों का चालान किया गया, जिनमें पांच वाहनों ने चालान की राशि जमा कर दी है, जबकि दो वाहनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। विभाग की जांच में पांच वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक छाई लोड पाए जाने के साथ खलासी भी नहीं मिले।

पहला हादसा गुरुवार की शाम करीब सात बजे बोकारो थर्मल और नया बस्ती के बीच हुआ। डीवीसी के ऐश पौंड से हजारीबाग छाई लेकर जा रहे जेडीएनएस कंपनी के दो हाईवा के बीच टक्कर हो गई। हाईवा संख्या पीबी 03 बीआर 2073 ने आगे चल रहे हाईवा संख्या जेएच 12 एस 1416 को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पीछे चल रहे हाईवा का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गजेंद्र यादव उसी में दबकर फंस गया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तत्काल जेसीबी मंगाकर क्षतिग्रस्त केबिन को खींचा गया, जिसके बाद चालक को बाहर निकाला गया। गजेंद्र यादव उत्तर प्रदेश के एटा का रहने वाला बताया गया है। घायल चालक को इलाज के लिए डीवीसी अस्पताल भेजा गया।
सूचना मिलने पर बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। हादसे के बाद सड़क पर छाई लदे वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा।
*दिन में महिला की मौत, शाम को चालक हादसे का शिकार*
गौरतलब है कि गुरुवार को ही दिन में नरकी-कोनारडैम मार्ग पर जमनीजारा के समीप हजारीबाग से आ रहे खाली हाईवा जेएच 10 सीवाई 1695 की चपेट में आने से कर्री निवासी एक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। एक ही दिन में भारी वाहनों से जुड़े दो हादसों के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और छाई परिवहन व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
*ओवरलोडिंग पर रोक और परिचालन का समय निर्धारित करने की मांग*
हादसे के बाद ग्रामीणों ने छाई लदे हाईवा में ओवरलोडिंग पर तत्काल रोक लगाने और भारी वाहनों के परिचालन के लिए समय सीमा निर्धारित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और आम राहगीरों को परेशानी होती है तथा दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने भी ओवरलोडिंग और वाहनों में खलासी नहीं होने पर चिंता जताते हुए बोकारो जिला परिवहन पदाधिकारी से वाहनों की जांच की मांग की थी।
*सात वाहनों का चालान, पांच ने जमा किया जुर्माना*
शिकायत और हादसे के बाद परिवहन विभाग ने क्षेत्र में छाई लदे वाहनों की जांच शुरू की। जांच में सात वाहनों का चालान किया गया। इनमें पांच वाहनों ने चालान की राशि जमा कर दी है, जबकि दो वाहनों पर अभी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
जांच के दौरान पांच वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक छाई लोड पाए जाने के साथ खलासी भी नहीं मिले। विभाग ने ओवरलोडिंग सहित अन्य नियमों के उल्लंघन के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की है। प्रशासन की जांच और कार्रवाई अभी जारी है।
*दूसरे राज्यों के वाहनों के परमिट की भी होगी जांच*
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के कागजात और परमिट की भी जांच की जाएगी। वाहनों के पास वैध परमिट और आवश्यक दस्तावेज हैं या नहीं, इसकी जांच के बाद नियमों के अनुसार जुर्माना लगाया जाएगा।
डीटीओ ने कहा कि ओवरलोड पाए जाने वाले वाहनों को नियमानुसार जब्त कर कार्रवाई की जाएगी और कार्रवाई पूरी होने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा।
*आम नागरिक स्वयं नहीं कर सकते वाहनों की जांच*
डीटीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी वाहन की जांच करने का अधिकार आम नागरिकों को नहीं है। वाहनों के भार, कागजात, परमिट और अन्य नियमों की जांच केवल अधिकृत परिवहन अधिकारी या सक्षम प्राधिकारी ही कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की सूचना संबंधित विभाग को दें और स्वयं वाहन रोककर जांच या कार्रवाई करने का प्रयास न करें।
लगातार हो रहे हादसों और ओवरलोडिंग की शिकायतों के बीच परिवहन विभाग की कार्रवाई से छाई परिवहन करने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ गई है। वहीं, ग्रामीणों ने मांग की है कि कार्रवाई केवल चालान तक सीमित न रहे, बल्कि ओवरलोडिंग पर प्रभावी रोक लगाने के साथ भारी वाहनों के सुरक्षित और निर्धारित समय में परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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