
सरायकेला – नगर पंचायत, सरायकेला अंतर्गत संचालित आश्रय गृह का आज नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री अविनाश कवि, सिटी मैनेजर श्री सुमित सुमन, कम्युनिटी मोबिलाइजेशन मैनेजर (CMM) मणिमुकुट सोरेन तथा मैकेनिकल इंजीनियर श्री विक्की को उपस्थित थे।
निरीक्षण के क्रम में आश्रय गृह की व्यवस्था अत्यंत असंतोषजनक पाई गई। आश्रय गृह में उपलब्ध बेड, बिस्तर एवं अन्य सामग्री अव्यवस्थित एवं बिखरी हुई अवस्था में पाई गई। परिसर की साफ-सफाई एवं रख-रखाव में भी गंभीर लापरवाही परिलक्षित हुई।

निरीक्षण के दौरान आश्रय गृह में रात्रि विश्राम करने वाले आश्रितों के अभिलेखों एवं पंजी का अवलोकन किया गया, जिसमें कई प्रविष्टियां संदिग्ध एवं वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाती पाई गईं। प्रारंभिक जांच में आश्रितों की उपस्थिति संबंधी अभिलेखों में अनियमितता एवं फर्जी प्रविष्टियों की आशंका व्यक्त की गई है।

नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने उक्त स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित पदाधिकारी श्री मणिमुकुट सोरेन को कड़ी फटकार लगाई तथा मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने उपस्थित सिटी मैनेजर श्री सुमित सुमन एवं दूरभाष के माध्यम से कार्यपालक पदाधिकारी महोदय को मामले की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अध्यक्ष श्री चौधरी ने कहा कि आश्रय गृह समाज के सबसे जरूरतमंद, निराश्रित एवं असहाय लोगों के लिए संचालित एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है। इसके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा अभिलेखों में गलत प्रविष्टि स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े संस्थानों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत प्रशासन द्वारा आश्रय गृह की व्यवस्था में आवश्यक सुधार एवं नियमित अनुश्रवण हेतु भी निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जरूरतमंद व्यक्तियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों से पूछताछ करने पर यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि आश्रय गृह में अपेक्षाकृत बहुत कम संख्या में आश्रित रात्रि विश्राम हेतु आते हैं, जिसके कारण उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है।
इस पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी एवं उपाध्यक्ष श्री अविनाश कवि ने विचार-विमर्श करते हुए कहा कि आश्रय गृह का उद्देश्य जरूरतमंद एवं असहाय व्यक्तियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है। यदि वर्तमान व्यवस्था के बावजूद अपेक्षित संख्या में लाभुक यहां नहीं पहुंच रहे हैं, तो इसके कारणों का अध्ययन कर आश्रय गृह को अधिक उपयोगी एवं जनोपयोगी बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि आश्रय गृह के प्रचार-प्रसार, सुविधाओं के उन्नयन, नियमित अनुश्रवण तथा जरूरतमंद लोगों तक इसकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि इस महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत की प्राथमिकता केवल भवनों का संचालन नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी प्रत्येक योजना को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाना है। आश्रय गृह को भी इसी दृष्टिकोण से सुदृढ़ एवं उपयोगी बनाने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे, जिससे यह वास्तव में जरूरतमंद लोगों के लिए सहारा और सुरक्षा का केंद्र बन सके।
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