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आदित्यपुर में दो दिवसीय राज्य स्तरीय श्रमिक प्रशिक्षण शिविर संपन्न

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Aug 31, 2026
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ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC), झारखंड राज्य कमिटी के तत्वावधान में “मजदूर वर्ग की स्थिति और चुनौतियाँ” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय श्रमिक प्रशिक्षण शिविर रविवार को आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के समीप स्थित रेलवे इंस्टिट्यूट, आदित्यपुर में संपन्न हुआ। शिविर का आयोजन 29 अगस्त, शनिवार अपराह्न 3 बजे से 30 अगस्त, रविवार दोपहर 1 बजे तक किया गया। इसमें झारखंड के लगभग सभी जिलों से AIUTUC के सदस्य एवं मजदूर प्रतिनिधि शामिल हुए।

 

शिविर के पहले सत्र में विभिन्न जिलों से आए मजदूर प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र एवं कार्यस्थलों में मजदूरों की वर्तमान स्थिति, समस्याओं और चुनौतियों को विस्तार से रखा। राज्य कमिटी के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना और मजदूरों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने पर जोर दिया।

 

दूसरे सत्र में मजदूरों की समस्याओं के समाधान के रास्तों पर चर्चा की गई। विभिन्न कंपनियों एवं अलग-अलग कार्यक्षेत्रों से आए मजदूर साथियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को मजबूत करने और मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

 

पूंजीवादी नीतियों और मजदूर वर्ग की स्थिति पर शंकर दास गुप्ता का संबोधन

 

शिविर के अंतिम एवं महत्वपूर्ण सत्र को AIUTUC के ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी कॉमरेड शंकर दास गुप्ता ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बनाई जा रही अनेक नीतियों का उद्देश्य मजदूरों के हितों की रक्षा के बजाय पूंजीपतियों के हितों को बढ़ावा देना है। उन्होंने “ease of doing business” की नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार को आसान बनाने के नाम पर श्रमिकों के अधिकारों और हितों को कमजोर किया जा रहा है।

 

उन्होंने Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957 में हुए संशोधनों का उदाहरण देते हुए कहा कि खनिज क्षेत्र में नीलामी की व्यवस्था से बड़े पूंजीपतियों को अधिक लाभ मिलने की स्थिति बनी है और छोटे कारोबारियों के सामने चुनौतियां बढ़ी हैं। उन्होंने इसे पूंजी के अधिकाधिक केंद्रीकरण की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि “अधिक से अधिक पूंजी कुछ ही हाथों में केंद्रित होना पूंजीवाद की मूल प्रवृत्ति है।”

 

कॉमरेड शंकर दास गुप्ता ने कहा कि किसी भी सरकार अथवा राजनीतिक दल की नीतियों को केवल पार्टी के नाम से नहीं, बल्कि वर्ग दृष्टिकोण से समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग को व्यक्ति विशेष के विरोध तक सीमित न रहकर वर्ग संघर्ष और वर्ग चेतना के आधार पर अपनी स्थिति को समझना होगा।

 

उन्होंने कहा कि समाज में मूल रूप से मालिक वर्ग और मजदूर वर्ग के हितों के बीच अंतर है। इसलिए मजदूर वर्ग में अपनी वास्तविक स्थिति, अधिकारों और संघर्ष के प्रति चेतना का विकास करना आवश्यक है।

 

*संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण पर जोर:*

 

अपने संबोधन में उन्होंने संगठन को मजबूत करने के लिए नए लोगों को जोड़ने, उन्हें शिक्षित एवं सक्रिय कार्यकर्ता बनाने तथा कार्यकर्ताओं के चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन में पद प्राप्त करना लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि संगठन को मजबूत करना और आम जनता एवं मजदूरों के बीच विश्वास कायम करना प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि मजदूरों के शोषण के खिलाफ संगठित संघर्ष ही रास्ता है। सरकार कितनी भी निरंकुश क्यों न हो, संगठित और वैचारिक आंदोलन के माध्यम से जनता अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर सकती है। उन्होंने किसान आंदोलन सहित विभिन्न जन आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि व्यापक और संगठित आंदोलन के दबाव में सरकारों को अपने निर्णयों पर पुनर्विचार करना पड़ा है।

 

उन्होंने कहा कि मजदूर हितों के खिलाफ बनाए गए कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखना होगा। साथ ही उन्होंने पूरे झारखंड में मजदूरों के बीच वर्ग चेतना, संगठनात्मक चेतना और बेहतर चरित्र निर्माण के कार्य को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

 

शिविर के दौरान मंच पर कॉमरेड अमर चौधरी, जयसेन मेहर, लिली दास, आशीष कुमार धर, राज्य अध्यक्ष आर. एस. शर्मा एवं सचिव राजीव तिवारी उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु देव गिरी, अनिल बावड़ी, आशीष कुमार धर, आसुदेव महतो, दिलीप कुमार, आशीष कुमार घोष, राजू कुमार, नूनीवाला देवी, हाबूलाल महतो, सुभाष प्रमाणिक, जितेंद्र ठाकुर, विशाल कुमार बर्मन, रोहित कुमार, संतोष कुमार, कौशिक घोष सहित अनेक साथियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर मजदूर वर्ग को संगठित करने, नए मजदूर साथियों को संगठन से जोड़ने तथा पूरे झारखंड में मजदूरों के बीच वर्ग चेतना के विकास और संघर्ष को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

 


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