
सरायकेला: आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला जब नीमडीह प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में बुधवार को मां दुर्गा के नव-निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पूरे गांव का माहौल भक्तिमय हो उठा और ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज उठा।
*जर्जर मंदिर की जगह बना नया भवन*

ग्रामीणों ने बताया कि पुराना दुर्गा मंदिर जर्जर हो चुका था। इसके बाद रघुनाथपुर सार्वजनिक दुर्गा पूजा कमेटी के प्रयासों और ग्रामीणों के सहयोग से नए मंदिर भवन का निर्माण पूरा किया गया। प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही गांव को एक भव्य धार्मिक स्थल मिल गया है।

*500 से ज्यादा महिलाओं ने सिर पर कलश लेकर भरा जल*
कलश यात्रा की शुरुआत घाघरा नदी के तट से हुई। सिर पर मंगल कलश लेकर 500 से अधिक महिलाओं और युवतियों ने नदी से पवित्र जल भरा। पारंपरिक वेशभूषा और हाथों में कलश लिए महिलाओं का जुलूस NH-18 मुख्य सड़क से होते हुए ढोल-नगाड़े और भजन-कीर्तन के साथ मंदिर प्रांगण पहुंचा।
स्कूल की छात्राओं से लेकर गांव की बुजुर्ग महिलाओं तक, सभी ने भारी उत्साह और आस्था के साथ इस यात्रा में हिस्सा लिया। रास्ते भर ग्रामीणों ने कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
*विधि-विधान से हुई पूजा, बंटा खिचड़ी प्रसाद*
मंदिर प्रांगण पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पुजारी द्वारा कलशों की विधिवत स्थापना की गई। इसके बाद हवन-पूजन और प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया संपन्न हुई। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे थे।
*गांव में उत्सव का माहौल*
रघुनाथपुर सार्वजनिक कमेटी के सदस्यों ने बताया कि यह मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थर का निर्माण नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था का प्रतीक है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब यहां नवरात्रि और अन्य पर्व धूमधाम से मनाए जाएंगे।
पूरे आयोजन में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों ने भी सहयोग किया।
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