
सरायकेला : झारखंड-बंगाल की अंतरराज्यीय सीमा पर अवैध बालू तस्करी का बड़ा खेल सामने आया है। एक तरफ पुरुलिया जिले का बाघमुंडी थाना तो दूसरी तरफ झारखंड का नीमडीह थाना – दोनों की सीमा पर दुआरसिनी चौराहे के पास सोनाबहाल समेत कई इलाकों में भारी मात्रा में अवैध बालू का भंडारण किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि झारखंड के तिरुलडीह बालू घाट से रात के अंधेरे में बड़े-बड़े ट्रकों और हाइवा में बालू निकालकर बंगाल सीमा में डंप किया जा रहा है।

*मानसून में बालू निकासी पर है प्रतिबंध*

गौरतलब है कि वर्तमान मानसून के मौसम में हाईकोर्ट और सरकार के आदेश के अनुसार नदी घाटों से बालू निकालना पूरी तरह प्रतिबंधित है। हाल ही में पुरुलिया दौरे के दौरान बंगाल सरकार द्वारा घोषणा की गई थी कि आवास योजना के लाभुकों को 100 क्यूबिक फीट बालू मात्र 1,200 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी।
आरोप है कि इन आदेशों को दरकिनार कर बालू माफिया मनमानी कीमत पर बालू बेच रहे हैं।
*पुलिस की मिलीभगत पर उठे सवाल*
ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ प्रधानमंत्री आवास और अबुआ आवास योजना के लाभार्थियों को घर बनाने के लिए बालू नहीं मिल रही वहीं दूसरी तरफ माफिया पुलिस की नाक के नीचे ऊंची कीमत पर बालू बेच रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस धंधे में झारखंड के साथ-साथ बंगाल के स्थानीय बालू माफिया भी शामिल हैं। दिन में सोनाबहाल में बालू डंप की जाती है और रात में इसे दूर-दूर तक महंगे दामों पर सप्लाई किया जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से मांग की है कि सोनाबहाल क्षेत्र में जमा अवैध बालू के भंडार को जब्त कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब आवास लाभुकों को सरकारी दर पर बालू मिल सके।
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