
सरायकेला : चांडिल थाना क्षेत्र के न्यू बाईपास रोड पर बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। एक ही बाइक पर सवार सिंहभूम कॉलेज के तीन छात्र हादसे का शिकार हो गए। हादसे में रोहित महतो नामक युवक की मौत हो गई, जबकि दो छात्र गंभीर रूप से घायल हैं।


न्यू बाईपास एनएच-32/18 पर भालुककोचा के पास बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार तीन छात्रों को कुचल दिया। सभी छात्र सिंहभूम कॉलेज के बताए जा रहे हैं।
*चांडिल डैम से लौटते वक्त हुआ हादसा:* जानकारी के अनुसार, तीनों छात्र कॉलेज का कार्य पूरा करने के बाद चांडिल डैम गए थे। वहां से लौटने के दौरान भालुककोचा के पास हादसा हो गया। पुरुलिया से जमशेदपुर जा रहे धनबाद के ट्रेलर संख्या JH09BG0332 ने तेज रफ्तार में बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।
*50 फीट तक घसीटा, बॉडी पूरी तरह नष्ट:* हादसे में 20 वर्षीय रोहित महतो की मौत हो गई। रोहित ट्रेलर के पीछे के चक्के में फंसकर करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया, जिससे उसकी बॉडी पूरी तरह नष्ट हो गई। वहीं बाइक पर सवार अन्य दो छात्र आकाश और क्रांति महतो छिटककर बाहर गिर गए। दोनों घायल हैं। तीनों युवक नीमडीह थाना क्षेत्र के झिमडी गांव के रहने वाले हैं।
*पुलिस और स्थानीयों ने संभाला मोर्चा:* सूचना मिलते ही चांडिल थाना प्रभारी दिलशान बीरूआ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। विस्थापित अधिकार मंच के सहयोग से बॉडी को बेलचा से उठाया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एंबुलेंस से सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चांडिल में भर्ती कराया गया है।जहां से रैपर करके उच्च स्तरीय उपचार के लिए एमजीएम हस्पताल भेजा गया।”न्यू बाईपास पर लगातार हादसे हो रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस, दक्षिण पूर्वी रेलवे के पदाधिकारी और आरपीएफ को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे। भारी वाहनों की स्पीड पर लगाम और नो-एंट्री का सख्ती से पालन जरूरी है। आज हमने एक होनहार छात्र खो दिया। प्रशासन से मांग है कि मृतक के परिजनों को मुआवजा और घायलों का मुफ्त इलाज कराया जाए।”विस्थापित अधिकार मंच ने रेलवे से पितकी फाटक पर ओवरब्रिज को जल्द बनाने की मांग फिर दोहराई है। लोगों का कहना है कि आद्रा मंडल को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। रोजाना जाम से न सिर्फ समय बर्बाद होता है बल्कि हादसों का खतरा भी बना रहता है।
आद्रा मंडल के पितकी रेलवे गेट पर रोजाना लगता है 5 किमी लंबा जाम, हादसे का बना कारण; थाना प्रभारी बोले- हेलमेट होता तो बच सकती थी जान ।
दक्षिण पूर्वी रेलवे के आद्रा प्रमंडल के अधीन चांडिल जंक्शन का पितकी रेलवे फाटक आम लोगों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गया है। गेट पर रोजाना जाम की समस्या से हजारों लोग परेशान हैं।
*दोनों तरफ लगती है लंबी कतार:* पितकी गेट बंद होते ही चांडिल-गांगुडीह की तरफ 5 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग जाती है। वहीं पितकी से नीमडीह थाना तक करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है। स्कूली बच्चे, एंबुलेंस, ऑफिस जाने वाले लोग घंटों नहीं 24 घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
न्यू बाईपास पर हुए हादसे के बाद चांडिल थाना प्रभारी दिलशान बीरूआ ने पितकी गेट जाम को भी हादसों की एक वजह बताया। उन्होंने कहा कि जाम से बचने के चक्कर में वाहन चालक तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं।
“पितकी गेट पर रोजाना जाम लगता है। इससे आम नागरिकों और बाइक चालकों को दिक्कत होती है। सभी से अपील है कि बाइक चलाते समय सावधान रहें और हेलमेट जरूर पहनें। आज न्यू बाईपास पर जिन युवकों का एक्सीडेंट हुआ, अगर उन्होंने हेलमेट लगाया होता तो शायद जान बच जाती। हम ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए रेलवे से बात करेंगे।”
वहीं हादसे के एक प्रत्यक्षदर्शी चालक ने बताया,अगर ट्रेलर चालक चाहता तो इन युवकों को बचा सकता था। गाड़ी चालक की लापरवाही के कारण ही रोहित महतो की मौत हुई। ट्रेलर बहुत तेज था और उसने साइड नहीं दी।”
पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है। चालक फरार है। थाना प्रभारी ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
