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सरायकेला : चांडिल के कोहिनूर पावर से जुड़े 290 करोड़ के बैंक ऋण घोटाले में ED का एक्शन, बंगाल में CA और सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी, दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त ।

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Oct 30, 2026
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सरायकेला : जिले के चांडिल स्थित कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 290 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है।

 

ईडी ने शुक्रवार सुबह पश्चिम बंगाल के हावड़ा, हुगली के उत्तरपाड़ा, लेक टाउन और आसनसोल में कोहिनूर ग्रुप के सीए और सहयोगियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान टीम ने वित्तीय दस्तावेज, हार्ड डिस्क और कई डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

 

*कुचिडीह में प्लांट के नाम पर लिया था लोन*

 

मामला चांडिल थाना क्षेत्र के कुचिडीह गांव स्थित कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। जमशेदपुर से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित इस कंपनी ने 66 मेगावाट क्षमता का थर्मल पावर प्लांट लगाने के नाम पर बैंकों से करीब 290 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

 

आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने ऋण की राशि को प्लांट में लगाने के बजाय सुनियोजित साजिश के तहत ग्रुप की 100 से अधिक शेल कंपनियों के खातों में डायवर्ट कर दिया। इस राशि का इस्तेमाल प्रमोटरों द्वारा निजी संपत्तियां खरीदने और व्यक्तिगत विलासिता पर किया गया।

 

*2005 में हुआ था एमओयू, 2015 में खाता हुआ NPA*

 

कोहिनूर ग्रुप ने वर्ष 2005 में झारखंड सरकार के साथ एमओयू साइन किया था। इसके तहत स्पंज आयरन, टीएमटी बार और पावर प्लांट की स्थापना होनी थी। चांडिल-कुचिडीह में जमीन लेकर महज दिखावटी ढांचा खड़ा किया गया।

 

इसी दिखावे के आधार पर 2008 से 2013 के बीच बैंक ऑफ बड़ौदा की अगुवाई वाले कंसोर्टियम से 290 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट सुविधा मंजूर कराई गई। अवधि बढ़ाने के बावजूद 2016 तक प्लांट पूरा नहीं हुआ और बैंकों ने 2015 में ही खाते को एनपीए घोषित कर दिया।

 

*फर्जीवाड़े से खरीदी संपत्तियां, 26 लाख मासिक किराया*

 

जांच में सामने आया कि कंपनी ने फर्जी दस्तावेजों और खातों में हेराफेरी कर बैंकों को चूना लगाया। प्रमोटर विजय बोथरा, प्रशांत बोथरा और परिजनों के नाम पर कोलकाता और आसपास कई संपत्तियां खरीदी गईं, जिनसे 26 लाख रुपये मासिक किराया मिल रहा था।

 

2018 में एनसीएलटी में दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई और 2019 में लिक्विडेशन में बैंकों को महज 7 करोड़ रुपये मिले, यानी बैंकों को 97.5 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ। वर्तमान में आदित्यपुर के आशियाना ट्रेड सेंटर स्थित कंपनी का कार्यालय और चांडिल स्थित प्लांट वर्षों से बंद पड़े हैं।

 

ईडी अब मनी ट्रेल के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सुबूत खंगाल रही है।


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