
बेरमो/कथारा-
विहंगम योग संत समाज के 103वें वार्षिक महोत्सव के तहत रविवार को सीसीएल कथारा ऑफिसर्स क्लब परिसर में समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव, प्रवचन एवं 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और विहंगम योग के अनुयायियों ने भाग लिया।

आयोजन की शुरुआत कथारा-गोमिया मुख्य मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के समीप से निकाली गई स्वर्वेद संदेश यात्रा से हुई। यात्रा में महिलाओं समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। कई महिलाओं ने सिर पर स्वर्वेद ग्रंथ धारण कर यात्रा में सहभागिता की। स्वर्वेद के जयघोष के बीच निकली यात्रा विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए सीसीएल कथारा ऑफिसर्स क्लब पहुंची।

ऑफिसर्स क्लब पहुंचने के बाद मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज ने अ अंकित ध्वजा का ध्वजारोहण किया। इसके बाद पौधारोपण, सद्गुरु सदाफल देव जी महाराज के तैलचित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। आयोजन समिति एवं उपस्थित अतिथियों की ओर से संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज को शॉल एवं पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
इसके पश्चात संत प्रवर का आध्यात्मिक प्रवचन हुआ। उन्होंने स्वर्वेद के आध्यात्मिक संदेश, आत्मज्ञान तथा विहंगम योग साधना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, सदाचार और आत्मचिंतन के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में सुखनंदन सिंह, उदय प्रताप सिंह, श्रमिक नेता अजय कुमार सिंह, झामुमो नेता अनिल कुमार अग्रवाल, विजय यादव, वेद व्यास चौबे, विहंगम योग संस्थान के के.पी. सिंह, नीलकंठ रविदास, आनंद केसरी, प्यारे लाल यादव, जानकी यादव, वैदेही श्रीवास्तव, रेणु दास और मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
महोत्सव को लेकर कथारा क्षेत्र में पूरे दिन धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने संत प्रवर के प्रवचन को श्रद्धापूर्वक सुना और स्वर्वेद के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
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