
धनबाद:
धनबाद के मेयर संजीव सिंह और झरिया विधायक रागिनी सिंह ने एक बार फिर जनसेवा और सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए बेलगड़िया टाउनशिप में रहने वाले एक जरूरतमंद विस्थापित परिवार की सहायता की है। सरकार की मंशा विस्थापित परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है और इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए बेलगड़िया निवासी शंभु प्रसाद वर्मा को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।

जानकारी के अनुसार अत्यंत गरीब परिवार से आने वाले बुजुर्ग शंभु प्रसाद वर्मा के लिए योजना के तहत जमा की जाने वाली प्रारंभिक राशि का प्रबंध करना भी मुश्किल हो रहा था। उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ राशि स्वयं जमा की, लेकिन शेष रकम की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। इस बात की जानकारी मिलने पर मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह ने आगे बढ़कर आर्थिक सहयोग किया, जिससे शंभु प्रसाद वर्मा को ई-रिक्शा योजना का लाभ मिल सका।

ई-रिक्शा मिलने से अब शंभु प्रसाद के सामने रोजगार का नया रास्ता खुल गया है। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उनका परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
लाभुक शंभु प्रसाद वर्मा ने भावुक होते हुए कहा, “मैं बहुत गरीब परिवार से हूं। ई-रिक्शा लेने की इच्छा थी, लेकिन पैसे की कमी के कारण योजना का लाभ नहीं ले पा रहा था। मेयर संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह ने मेरी मदद कर मेरा सपना पूरा किया है। अब मैं मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकूंगा। इसके लिए मैं उनका दिल से आभार व्यक्त करता हूं।”
मेयर संजीव सिंह ने कहा, “सरकार की मंशा है कि विस्थापित परिवार आत्मनिर्भर बनें और सम्मानपूर्वक अपना जीवन यापन करें। शंभु प्रसाद वर्मा को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगे भी जरूरतमंद लोगों की सहायता और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास जारी रहेगा।”
वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा, “विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शंभु प्रसाद वर्मा को ई-रिक्शा उपलब्ध कराना केवल एक व्यक्ति की मदद नहीं, बल्कि एक परिवार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया गया सार्थक कदम है। आगे भी क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
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