
सरायकेला – विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर 10 सितंबर को सरायकेला-खरसावां जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से अभियान शुरू किया गया। इस वर्ष की थीम “आत्महत्या पर दृष्टिकोण बदलना” तथा संदेश “बातचीत शुरू करें” रखा गया है। जिला स्वास्थ्य समिति ने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चुप्पी तोड़ने और संवेदनशीलता के साथ एक-दूसरे से संवाद करने की अपील की।
जिले में 10 से 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों एवं युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक सहयोग, संकट के संकेतों को पहचानने तथा जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता लेने के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

अभियान के दौरान यह संदेश दिया जाएगा कि मानसिक परेशानी या संकट की स्थिति में व्यक्ति को अकेले संघर्ष करने के बजाय परिवार, मित्र, शिक्षक अथवा स्वास्थ्यकर्मी से बातचीत करनी चाहिए और आवश्यक सहायता लेनी चाहिए। लोगों से आग्रह किया गया कि किसी व्यक्ति की परेशानी को नजरअंदाज न करें और बिना किसी पूर्वाग्रह के उसकी बात सुनें।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को जागरूकता के प्रसार तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. निखिल प्रसाद चौधरी, डॉ. शालिनी कुमारी (मनोचिकित्सक), डॉ. अनिर्बान महतो, डॉ. श्वेता कुमारी, पुष्कर भूषण, अशोक यादव, सुशीला महतो सहित अन्य पदाधिकारी, कर्मचारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि वे ऐसा संवेदनशील समाज बनाने में सहयोग करें, जहां कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला या असहाय महसूस न करे। समय पर बातचीत, सहयोग और उचित स्वास्थ्य सहायता मानसिक संकट से जूझ रहे व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है।
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