
झरिया : बोरा पट्टी स्थित लक्ष्मी देवी सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में एक विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक छटा देखने को मिली। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन की झरिया शाखा द्वारा यहाँ बीज मंत्र उच्चारण प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय भावी पीढ़ी के भीतर अपनी जड़ों, संस्कारों और धार्मिक ज्ञान के प्रति चेतना जाग्रत करना था।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बच्चों ने जब स्पष्ट और शुद्ध स्वर में मंत्रों का उच्चारण किया, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। निर्णायक मंडल ने मंत्रों की शुद्धता और स्पष्टता के आधार पर विजेताओं का चयन किया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। अन्य सभी प्रतिभागियों के प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।

प्रतियोगिता के अंत में सभी बच्चों के बीच फ्रूटी, टॉफी और पेन का वितरण कर उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेरी गई।
यह गरिमामयी कार्यक्रम झरिया शाखा की अध्यक्ष शीला चोखानी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों ने उपस्थित रहकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर समाज की कई प्रबुद्ध महिलाएँ और पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शिल्पा कारीवाल (सचिव),सीमा सापरिया (कोषाध्यक्ष), विशेष अतिथि: सुमन अग्रवाल, अन्य सदस्य: रूपा सुल्तानिया, प्रभा केजरीवाल, रीता अग्रवाल, अनिता तयाल और सुमन शंघाई।
समर्पण और उद्देश्य
कार्यक्रम की सफलता में मारवाड़ी महिला सम्मेलन की सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शाखा की सदस्यों ने पूरे समर्पण के साथ व्यवस्थाओं को संभाला।
संस्था का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में न केवल एकाग्रता बढ़ती है, बल्कि वे अपनी सनातन संस्कृति और मंत्रों की शक्ति से भी परिचित होते हैं। स्कूल प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सराहनीय कदम बताया।
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