
राजनगर : राजनगर प्रखंड के अंतर्गत डुमरडीहा पंचायत के गांव बनकटी में घासी राम सोरेन के घर में रोहिणी के अवसर पर मनसा पूजा धूमधाम से हुआ शुभारंभ,1 जून 2026 को होगा समापन।
शनिवार को मां मनसा की कलश यात्रा श्रद्धा ,भक्ति और उत्साह के माहौल से निकली गई ,सभी महिलाएं सफेद साड़ी पहनकर सामिल हुए। पूजा स्थल से 221 महिलाएं गाजे बाजे के साथ कलश लेकर तालाब गए। कलश यात्रा शुरू होने के पूर्व तालाब में पुजारी विधिवत पूजा अर्चना कर पवित्र जल लेकर झूमते हुए सभी श्रद्धालु पूजा स्थल पर पहुंचे, इसके बाद वैदिक मंत्र उच्चारण कर 221 कलश को पूजा स्थल पर स्थापित किया गया।

इस दौरान महिलाएं पुरुष दिन भर निर्जला उपवास कर पूजा की। श्रद्धालु मां के चरणों में माता टेकते हुए ,सांप , बिच्छू से सुरक्षित रहने संतान की सुख समृद्धि , रोग मुक्ति के लिए मां मनसा से आशीर्वाद मांगा। वही भक्तों ने बताया कि सच्चे मन से मां मनसा पूजा करने से हर मनोकामनाएं पूरा होती है। पूजा में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावे बिहार ,बंगाल उड़ीसा से हजारों श्रद्धालु पहुंचे थे। भंडारण का भी व्यवस्था किया गया था।

पुजारी सीमा सोरेन ने कहा कि मान्यता है कि भगवान शिव और माता पार्वती मानसरोवर झील में जल कीड़ा कर रहे थे। तब दोनों के तेज इकट्ठा होकर कमल के पत्ते पर जमा हो गया। तब उसकी संरक्षण के लिए वहां मौजूद सर्पिणियों ने इस तेज अपनी कुंडली में लपेट लिया था। महादेव और जगदंबा के तेज से जिस कन्या का जन्म हुआ , वह मनसा देवी के रूप है। विश्व में प्रमुख अष्ट नागों की कोई बहन नहीं ,तब भगवान शंकर ने अपने भक्त बासुकी बात मानते हुए उन्हें नागलोक का साम्राज्य प्रदान कर दिया। इसलिए मनसा देवी संपूर्ण नाग जाति की बहन और पुत्री मानी जाती है। मां मनसा देवी तीन लोकों स्वर्गलोक ,नागलोक और पृथ्वीलोक में पूजी जाती है।
पूजा आयोजन को सफल बनाने में घासी राम सोरेन, सीमा सोरेन किशन सोरेन, सुष्मा सोरेन आदि सहरनीय योगदान ।
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