• Mon. Oct 26th, 2026

ब्रह्मलोक धाम में भगवान ब्रह्मानंद जी के 98वां जन्मोत्सव पर 50 जोड़ों का सामूहिक विवाह धूमधाम से संपन्न

admin's avatar

Byadmin

Oct 26, 2026
crescent ad

 

जमशेदपुर । सोनारी स्थित ब्रह्मलोक धाम में भगवान ब्रह्मानंद जी का 98वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर धाम परिसर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह बंधन में बंधे। समारोह में वर-वधू के परिजनों समेत हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने माहौल को उत्सवी बना दिया।

आयोजन समिति से जुड़े मोनू भट्टाचार्य ने बताया कि इस सामूहिक विवाह का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जन्मोत्सव पर 25 जोड़ों का विवाह कराया गया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या दोगुनी होकर 50 हो गई है। यह वृद्धि समाज में इस पहल के प्रति बढ़ते विश्वास और स्वीकृति को दर्शाती है। भट्टाचार्य ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता का सशक्त संदेश देते हैं। यहां जाति, वर्ग और क्षेत्र की सीमाएं टूटती हैं और सभी एक ही मंडप के नीचे बैठकर नए जीवन की शुरुआत करते हैं। नवदंपतियों को गृहस्थी का सामान, वस्त्र और आशीर्वाद देकर विदा किया गया, जिससे उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत बिना किसी आर्थिक बोझ के हो सके।

जन्मोत्सव के साथ ही वर्ष 2028 में प्रस्तावित द्वि-शताब्दी महापरिक्रमण की तैयारियों की भी विधिवत घोषणा की गई। आयोजन समिति के अनुसार इस महापरिक्रमण के माध्यम से गांव-गांव तक जनसंपर्क अभियान चलाकर लाखों लोगों को जोड़ने की योजना है। इसके लिए विशेष समितियों का गठन किया जा रहा है जो ग्रामीण स्तर पर जाकर जागरूकता फैलाएंगी। इस दीर्घकालिक योजना के तहत सांस्कृतिक जागरण, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सुधार के कार्यक्रमों को भी शामिल किया जाएगा। समिति का मानना है कि भगवान ब्रह्मानंद जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महापरिक्रमण एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। अधिक जानकारी के लिए आप भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सामाजिक योजनाओं के विषय में पढ़ सकते हैं।

समारोह स्थल पर प्रातः काल से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भजन-कीर्तन, सत्संग और प्रसाद वितरण का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। दूर-दराज से आए भक्तों ने ब्रह्मलोक धाम की दिव्यता और स्वच्छता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे वर्षों से इस आयोजन का हिस्सा बनते आ रहे हैं और हर बार यहां आकर एक नई ऊर्जा का संचार महसूस करते हैं।

विवाह बंधन में बंधे नवयुगलों के चेहरों पर खुशी और संतोष के भाव स्पष्ट देखे जा सकते थे। एक नवविवाहित जोड़े ने कहा कि इस पवित्र धाम पर भगवान ब्रह्मानंद जी के आशीर्वाद से विवाह होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्हें यहां न केवल जीवनसाथी मिला बल्कि पूरे समाज का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आयोजन समिति ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल, चिकित्सा दल, स्वयंसेवकों और मीडिया कर्मियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि बिना जनसहयोग के इतने बड़े आयोजन को निर्विघ्न संपन्न कराना संभव नहीं था। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

ब्रह्मलोक धाम में संपन्न हुआ यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि यह समाज सेवा और मानव कल्याण का एक जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। भगवान ब्रह्मानंद जी का 98वां जन्मोत्सव ने जहां एक ओर आध्यात्मिक चेतना जागृत की, वहीं दूसरी ओर 50 परिवारों के जीवन में खुशियों के नए रंग भरे। 2028 के महापरिक्रमण की तैयारियां इस बात का संकेत हैं कि यह धाम आने वाले वर्षों में सामाजिक परिवर्तन का एक बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *