
बड़कागांव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़कागांव में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत के बाद मंगलवार शाम से परिजनों के समर्थन में पत्रकार, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं ग्रामीण धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई, अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार तथा अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
धरना देर शाम से शुरू होकर करीब नौ घंटे तक चला। देर रात प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) जितेंद्र कुमार मंडल एवं अंचलाधिकारी मनोज कुमार की पहल पर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और परिजनों के बीच वार्ता हुई। इसके बाद रात करीब तीन बजे धरना समाप्त हुआ।

वार्ता के दौरान चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार ने लिखित आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर दोषी चिकित्सक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी , आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं तथा प्रबंधन में अविलंब सुधार एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

धरना में समाजसेवी सह पत्रकार एवं बड़कागांव विधानसभा सांसद मीडिया प्रतिनिधि उमेश दांगी, जिला परिषद सदस्य सुनीता देवी, बड़कागांव सांसद प्रतिनिधि पूनम साव, भाजपा मंडल अध्यक्ष शिवशंकर कुमार उर्फ शिबू, समाजसेवी विवेक सोनी, पत्रकार शिवशंकर कुमार, संजय सागर, पिंटू कुशवाहा, संजय भुइयां, पंचायत समिति सदस्य रंजीत चौबे, चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार, परिजन मृतिका के पिता मुखलाल राणा, सीताराम राणा, अवध किशोर कुमार, सत्यजीत विद्या अलंकार,उदय कुमार, रवि कुमार महतो, तीब्रकांत मौर्य समेत बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, ग्रामीण एवं दर्जनों महिला -पुरुष परिजन शामिल थे।
धरना समाप्त होने के बाद परिजनों ने कहा कि यदि लिखित आश्वासन के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे पुनः आंदोलन करने को बाध्य होंगे। वहीं प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
क्या है मामला –
बड़कागांव प्रखंड के महूदी गाँव निवासी मुखलाल राणा अपनी पुत्री खुशबू कुमारी को प्रसव पीड़ा के बाद अपने दामाद विकास राणा के साथ मोटरसाइकिल में लेकर बड़कागांव सी एच सी में सोमवार को पहुंचे और डॉक्टर के निर्देशानुसार भर्ती करवाया जहाँ डॉक्टर ने किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने की बात कहा! और खुशबु ने मंगलवार को एक बच्चे को जन्म दी जिसकी मौके पर मौत हो गई! वहीं प्रसव पीड़ित खुशबु कुमारी गंभीर की हालत बताकर रेफर कर दिया गया! जिसकी बड़कागांव सी एच सी हॉस्पिटल से निकलते ही रास्ते में मौत हो गई जिसके बाद परिजनों द्वारा वापस लौटकर शाम को बड़कागांव हॉस्पिटल परिसर पीड़िता के शव के साथ करवाई की मांग करने लगे!जिनका सभी ने समर्थन किया!
क्या कहते है पीड़ित के पिता मुखलाल राणा –
मृतिका खुशबु के पिता एवं परिजनों का कहना है कि मेरी पुत्री पूर्ण रूप से स्वस्थ थी जिसे प्रसव पीड़ा के बाद बड़कागांव में भर्ती करवाया गया लेकिन सोमवार रात्रि व मंगलवार सुबह डॉक्टर व तथाकथित नर्स के द्वारा काफ़ी परेशान कर शरीर के निजी भाग को गंभीर चोटे पहुंचाई गई जिससे काफ़ी खून का बहाव हो गया जिसके बाद अति गंभीर अवस्था में रेफर किया गया! जिसके बाद मौत हो गई वही बच्चा को जबरन निकलने के दौरान ही बच्चे की मौत हो गई जो गंभीर लापरवाही है!
क्या कहते है चिकित्सा प्रभारी –
बड़कागांव सी एच सी चिकित्सा प्रभारी डा अविनाश कुमार ने उक्त सम्बन्ध में पूछे जाने पर बताया कि भर्ती के समय पीड़िता बहुत बंढिया स्थिति में थी! लेकिन जच्चा -बच्चा दोनों की मौत हो गई! जो जाँच का विषय है जिसको लेकर अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो कानूनी के साथ साथ अविलम्ब विभागीय कार्रवाई की जाएगी ! साथ ही साथ पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद की जायेगी!
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