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पत्रकार पर हमले के विरोध में उबाल, स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन कर सुरक्षा कानून की मांग

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May 3, 2026
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झरिया (धनबाद):हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई अभद्रता और हमले की घटना ने पूरे राज्य के पत्रकार जगत को आंदोलित कर दिया है। इसी कड़ी में गुरुवार शाम कोयलांचल पत्रकार संघ के बैनर तले झरिया के पत्रकारों ने अपनी एकजुटता दिखाई और झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

 

विरोध मार्च और पुतला दहन

 

प्रदर्शन की शुरुआत शहर के विभिन्न मार्गों से एक विरोध मार्च के रूप में हुई। पत्रकारों ने हाथों में तख्तियां लेकर मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह मार्च शहर के मुख्य रास्तों से गुजरते हुए इंदिरा चौक पहुंचा, जहां पत्रकारों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मंत्री इरफान अंसारी का पुतला दहन किया।

 

“लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बर्दाश्त नहीं”

 

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष सुनील सिंह ने हजारीबाग की घटना को लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि “यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने की कोशिश है। यदि सत्ता में बैठे लोग और उनके समर्थक अपनी कमियां छिपाने के लिए हिंसा का सहारा लेंगे, तो पत्रकार चुप नहीं बैठेंगे।”

 

 

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार के सामने अपनी दो टूक मांगें रखीं कि राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अविलंब विशेष कानून लागू किया जाए। पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए जा रहे फर्जी मुकदमों और बेवजह की कानूनी कार्रवाई को तुरंत बंद किया जाए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों का काम सच को उजागर करना है, न कि किसी सत्ताधारी की चाटुकारिता करना। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं होती है और हजारीबाग मामले में उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तो यह आंदोलन केवल झरिया तक सीमित नहीं रहेगा। संगठन आने वाले दिनों में राज्यव्यापी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस विशाल विरोध प्रदर्शन में कोयलांचल पत्रकार संघ और झरिया प्रेस क्लब के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से संरक्षक सीडी मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष काजल राय, सचिव अरुण कुमार, कोषाध्यक्ष मो. एहसान, अनुशासन समिति अध्यक्ष सन्नी शर्मा ,समीम हुसैन, गुड्डू वर्मा, कार्तिक वर्मा, गुलजार आलम, राजेश सिन्हा, आशीष घोष, मनोज यादव, विकास कुमार, मनोज शर्मा, जान मिर्ज़ा, अभिमन्यु कुमार, पवन गुप्ता,झरिया प्रेस क्लब सचिव शैलेन्द्र जायसवाल, दीपक गुप्ता, मोजहरुल इस्लाम अंसारी, राजेन्द्र शर्मा, शाबिर, दिलीप गुप्ता, अखलाक अंसारी, खुर्शीद, सर्वजीत सिंह शामिल रहे।

 

झरिया के पत्रकारों के इस आक्रोश ने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता करने को तैयार नहीं हैं। अब गेंद सरकार के पाले में है।


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