
सरायकेला – सरायकेला छऊ शैली के जनक कुंवर विजय प्रताप सिंह देव की 131 वीँ जन्म जयंती “विजय जयंती उत्सव” के रूप में छऊकला से जुड़े कलाकार समूह एवं छऊप्रेमियों के द्वारा राजकीय छऊनृत्य कला केंद्र सरायकेला में धूमधाम से मनाई गई. कलाकेंद्र परिसर में स्थापित कुंवर साहब की आदम कद प्रतिमा पर अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश तथा छऊ गुरुओं कलाकारों ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर नमन किया,इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सह राजकीय छऊनृत्य कला केंद्र के सचिव अभिनव प्रकाश ने कहा कि हमें फख्र है
कि सरायकेला जैसे छोटे से कस्बे में कुंवर विजय प्रताप सिंहदेव जैसे व्यक्तित्व का जन्म हुआ था जिन्होंने अपनी उत्कृष्ट कला अवधारणा के द्वारा पारंपरिक छऊ नृत्य को शास्त्रीय रसायन से पिरोकर अनेक पौराणिक दार्शनिक एवं प्रकृति के विभिन्न पात्रों के ऊपर कालजयी नृत्यों को मूर्तरूप देने का काम किया.आज विश्व में छऊनृत्य अमर्त्य शास्त्रीय छऊकला के रूप में इस नृत्य शैली को मान्यता मिली हुई है.

राजकीय छऊनृत्य कला केंद्र सरायकेला इस अमृत धरोहर को बचाए रखने के लिए कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखेगा,पद्मश्री शशधर आचार्य ने कहा कि ऐसे महापुरुष की सम्मान से ही कला की सम्मान होती है और हम सभी मिलकर ही इस अमूल्य कला की संवर्धन और सरंक्षण कर सकते है,आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री भोला महांति ने कहा कि आनेवाली पीढ़ियों को छऊकला से जुड़ने का काम करना ही कुंवर साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी,

राजकीय छऊनृत्य कला केंद्र के समन्वयक श्री सुदीप कवि ने कहा कि सरायकेला छऊ को लेकर कुंवर साहब की जो सपना था उसे धरातल पर उतारने के लिए कलाकारों के उत्थान से ही कला की उत्थान मंत्र के द्वारा संभव हो सकता है,तत्पश्चात उनकी याद में शाम को कलाकेंद्र प्रेक्षागृह सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें राधा कृष्णा, नाविक, हंस सहित कई नृत्य का प्रदर्शन किया गया,
मौके पर संगीत नाटक अकादमी अवार्ड प्राप्त गुरु ब्रजेन्द्र पटनायक,गुरु शुशांत महापात्र,गुरु सुधांशु शेखर पानी,गुरु बिजय साहू, गुरु तरुण भोल,गुरु रजत पटनायक,गुरु मनोरंजन साहू,गुरु आशीष कर,संतोष कर,गजेंद्र महंती,अबिनाश कबी,रुपेश साहू, गणेश महंती, अद्यापदों साहू,बाउरी बंधु महतो,सीधेश्वर दरोघा,ठाकुर सरदार, पूर्ण सरदार, विनोद प्रधान,गणेश परीछा, पंकज साहू, सुमित महापात्र,निवारण महतो,देवनारायण सिंहदेव, शिवनाथ मिश्रा, राकेश कबी,राजेश गोप सहित कई कलाकार कलाप्रेमी उपस्थित थे।
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