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चक्रधरपुर के आदिवासी मित्र मंडल में मनाया गया हूल दिवस, वीर शहीद सिदो-कान्हू को दी गई श्रद्धांजलि

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Jun 30, 2026
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चक्रधरपुर : चक्रधरपुर स्थित आदिवासी मित्र मंडल में हूल दिवस मनाया गया। 1855 में अंग्रेजी हुकूमत और अन्याय के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू को आदिवासी समाज के लोगों ने सिदो-कान्हू के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि 30 जून 1855 को हूल विद्रोह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह केवल अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह नहीं था, बल्कि जल, जंगल, जमीन, सामाजिक न्याय, स्वाभिमान और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए जनआंदोलन था। हूल विद्रोह ने शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष की ऐसी चेतना जगाई, जिसकी गूंज आज भी समाज को प्रेरित करती है।

वक्ताओं ने कहा कि हूल विद्रोह केवल इतिहास का एक पन्ना नहीं, बल्कि अन्याय, उत्पीड़न और शोषण के खिलाफ संघर्ष का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अमर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा वीरांगना फूलो-झानो के बलिदान को याद करते हुए उनके विचारों और संदेशों को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। उपस्थित लोगों ने “हूल जोहार” के उद्घोष के साथ वीर शहीदों के साहस, त्याग और बलिदान को नमन किया।

इस अवसर पर शिव शंकर कांडेयांग, विरोन तिऊ, रामचंद्र टुडू, लाल सरदार, संजय सरदार, कृष्णा सामड, प्रेम चंद्र मुर्मू, विजय मेलगाण्डी, विजय सुम्बरुई, विजय कुमार हांसदा, ललित मोहन टुडू, चंपाई बोईपाई सहित आदिवासी समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं सदस्य उपस्थित रहे।


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