
रिपोर्ट सत्येन्द्र यादव
कुल्टी । कुल्टी बराकर व आस पास के क्षेत्र के महिलाओं ने बड़े श्रद्धा के साथ विपत्तारिणी व्रत रखकर पूजा अर्चना किया । इस संबंध में बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल के त्योहारों में प्रमुख स्थान रखने वाला विपत्तारिणी व्रत बड़े ही आस्था पूर्वक श्रद्धा के साथ धार्मिक वातावरण में मनाया गया । यह पूजा आषाढ़ महीने में किया जाता है ।

इस दौरान नियामतपुर स्थित बसंती मंदिर मां मनसा मंदिर काली मंदिर परिसर में भक्तों ने पहुंचकर मां बिपत्तरिणी की पूजा अर्चना किया । इसके अलावा कुल्टी के कई मंदिरों तथा बराकर डिसरगढ़ रोड स्थित मंदिर में बड़े ही विधि विधान से मां विपत्तारिणी की पूजा अर्चना की गई । इस संबंध में मंदिर के पुजारी चंदन चक्रवर्ती और जयंत चक्रवर्ती ने कहा कि आषाढ़ महीने में रथ यात्रा के बाद यह पूजा होती है ।

यह पूजा तिथि के अनुसार शनिवार या मंगलवार को ही की जाती है । उन्होंने बताया कि यह पूजा यहां लगातार 55 वर्षों से हो रही है । मालूम हो कि इस पूजा को करने वाली महिलाएं नए वस्त्र धारण कर पास के मंदिर में जाकर आचार्य या पंडितों द्वारा कथा सुनकर पूजा अर्चना करने के पश्चात सिंदूर खेलती है और एक दूसरे को सिंदूर लगाकर महिलाएं अपने आस्था को भगवान के प्रति समर्पित करती है ।
इस पूजा के दौरान महिलाएं अपने भविष्य के निर्माण संतान परिवार के दीर्घायु होने तथा रोग व्याधि के नाश करने की कामना के साथ यह पूजा करती है । पूजा के बाद सभी लोग अपने हाथों में दूब घास लगा लाल सूत्र हाथों में बांधते हैं तथा अपने सगे संबंधियों और अपने परिचितों को भी यह सुरक्षा धागा बांधते हैं । इसके बाद मंदिर से प्राप्त प्रसाद को महिलाएं अपने पहचान की तेरह घरों में बांटती है इस तरह यह त्यौहार पूर्ण होता है ।
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