
चांडिल वन क्षेत्र पदाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को कुकड़ू प्रखंड के डाटम-हेडेमूलि गांव में एलिफेंट ड्राइव चलाया गया। वन विभाग की टीम ने हाथी को आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ दिया।

*माइकिंग कर ग्रामीणों को किया सतर्क:* ड्राइव के दौरान टीम ने माइकिंग कर ग्रामीणों को रात में घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी। आम लोगों की सुरक्षा को देखते हुए रात में ही हाथी को जंगल की ओर भगाया गया।

*क्यों बढ़ रहा मानव-हाथी संघर्ष:* स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल की कटाई, हाथियों के भ्रमण वाले क्षेत्रों में बालू का अवैध भंडारण और उनके निवास से छेड़छाड़ के कारण प्राकृतिक आवास सिकुड़ गए हैं। भोजन-पानी की कमी से हाथी गांवों की ओर आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन एवं पर्यावरण विभाग की नीतियों से हाथियों का कॉरिडोर बाधित हुआ है। दलमा से पलायन कर हाथी अब ईचागढ़-कुकड़ू क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। अगर विचरण क्षेत्र सुरक्षित नहीं किए गए तो संघर्ष और बढ़ेगा।
*QRT टीम ने की कार्रवाई:* प्रभारी वनपाल मुकेश महतो के नेतृत्व में QRT और एलिफेंट ड्राइव टीम ने कार्रवाई की। टीम में वनरक्षी वशिष्ठ नारायण महतो, लखि चरण सिंह मुंडा, दिलीप कुमार और राम चरण महतो शामिल रहे।
बाइट के लिए “ग्रामीण” और “वनपाल मुकेश महतो” रख सकते हैं। चाहिए तो इसे 40 सेकंड की PKG स्क्रिप्ट में भी ढाल दूं।
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