
नबीनगर से संदीप कुमार की रिपोर्ट

नवीनगर (औरंगाबाद)– कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर नवीनगर प्रखंड स्थित पुनपुन नदी के उद्गम स्थल पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। अहले सुबह से ही हजारों की संख्या में भक्तजन पुनपुन नदी के पवित्र जल में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। पूरे परिसर में आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना रहा।

इस अवसर पर आयोजित विशेष पूजन एवं दीपदान समारोह का नेतृत्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु आचार्य रामजी वैध ने किया। उन्होंने पुनपुन नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलन कर बिहार में स्थिरता, विकास और सुशासन के लिए प्रार्थना की।
आचार्य रामजी वैध ने कहा, “पुनपुन नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि बिहार की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है। इसके पवित्र जल के समक्ष दीप प्रज्वलित कर हम न केवल ईश्वर से आशीर्वाद मांगते हैं, बल्कि यह संकल्प भी लेते हैं कि राज्य में शांति, उन्नति और सुशासन कायम रहे।”
समारोह के दौरान मिट्टी के दीपों से पूरे तट को आलोकित किया गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से दीपदान करते हुए यह प्रार्थना की कि बिहार में एनडीए गठबंधन पूर्ण बहुमत से विजयी होकर फिर से सरकार बनाए और प्रदेश के विकास की गति को नई दिशा मिले।
कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रही। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, सफाई और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी।
पूरे दिन पुनपुन उद्गम स्थल पर “जय पुनपुन मैया” और “हर-हर महादेव” के जयकारे गूंजते रहे। आस्था, संस्कृति और राजनीतिक आशा का यह अद्भुत संगम कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन दिन को और भी विशेष बना गया।
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