

पत्रकार चंचल गोस्वामी

टीचर्स ट्रेंनिंग कॉलेज में प्रशिक्षकों को इसके लिए भी मानसिक रूप से तैयार करना चाहिए कि उन्हें शहर या गांव जहां भी ड्यूटी मिले, पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ शिक्षण कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड के टीचर्स ट्रेंनिंग कॉलेज में अल इकरा कॉलेज की अपनी विशिष्ट प्रतिष्ठा है।

यहां के प्रशिक्षु हर विधा में पारंगत होते हैं। कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ मो शमीम अहमद ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं बल्कि समाज निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति है । एक शिक्षक केवल पाठ ही नहीं पढाता, बल्कि वह राष्ट्र की प्रगति, संस्कृति और भविष्य का निर्माण करता है। इसलिए सभी प्रशिक्षु आने वाले भारत के निर्माता है ।
कॉलेज के सचिव डॉ एस खालिद ने कहा कि केवल बीएड या डीएलएड की डिग्री से ही सरकारी शिक्षक नहीं हो सकते, इसके लिए उन्हें प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ानी होगी। इस अवसर पर एमएड की टॉपर अल्तमस, हिमाद्री कुमारी एवं काजल कुमारी, बीएड की टॉपर गुलनाज खातून,
कुलसुम खातून एवं शमा परवीन तथा डीएलएड की टॉपर मुस्कान शाहिना रजा, नफीस सरवर एवं आकांक्षा को डीईओ ने प्रशस्ति पत्र, प्रमाण पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया। समारोह में कॉलेज की अध्यक्ष सुरैया खानम, खालिद परवेज, प्रो निखत परवीन, प्रो अशरफ अली, डा ममता कुमारी, डॉ फातिमा अनवर, डॉ नादरा रहमान, हसनैन अख्तर, अब्दुल्ला, डा नंदन चंद्र पाणि आदि मौजूद थे।
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