
Manipur : मणिपुर सरकार ने हिंसा भड़कानेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरु कर दी है। मुख्यमंत्री एन वीरेन सिंह ने बताया कि कुछ सशस्त्र विद्रोही गुट आम नागरिकों के खिलाफ आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने इनके खिलाफ सघन अभियान चलाया है और अलग-अलग इलाकों में 30 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। कईयों को गिरफ्तार भी किया गया है।

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने बताया है कि ये विद्रोही आम नागरिकों के खिलाफ एम-16, एके-47 असॉल्ट राइफल और स्नाइपर गन का इस्तेमाल कर रहे हैं। पारा मिलिट्री फोर्स और सेना की मदद से इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

मणिपुर में मौजूदा हालात
मणिपुर में हिंसा की छिटपुट घटनाएं लगातार हो रही हैं। ऐसे में सरकार ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं का निलंबन 31 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। इस संबंध में मणिपुर के गृह आयुक्त एच. ज्ञान प्रकाश की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अभी भी घरों और परिसरों में आगजनी जैसी घटनाओं की खबरें आ रही हैं। हिंसा की घटनाओं में तेजी के बाद सेना और असम राइफल्स ने संवेदनशील क्षेत्रों के साथ-साथ इंफाल घाटी के आसपास के ऊंचे इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। इन क्षेत्रों में कई सशस्त्र विद्रोहियों के गुट सक्रिय हैं, और उन पर नजर रखी जा रही है।
जानिए पूरा मामला
मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर की ओर से आदिवासी एकजुटता मार्च बुलाया गया था। इस दौरान और उसके बाद 3 मई को प्रदेश के 16 में से 11 जिलों में व्यापक हिंसा भड़क उठी थी। सेना की मदद से हिंसा पर काबू पाया गया। इसके बाद 18 दिनों के बाद 22 मई को पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। स्थिति को काबू में करने के लिए सेना और पैरामिलिट्री फोर्स को दोबारा बुला लिया गया है। इसी के साथ प्रशासन ने कर्फ्यू एक बार फिर सख्त कर दिया है।
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