
हज़ारीबाग: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान गुरुवार की हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल ने सदन पटल पर हजारीबाग शहर से संबंधित एक अति महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया। जिसमें उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिला के शहरी क्षेत्रों में इनदिनों यातायात के साथ-साथ अपराधिक घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है जिससे जनजीवन काफी परेशान होने के साथ-साथ लोगों में काफी भय का माहौल उत्पन्न हो गया है।

उन्होंने कहा कि हजारीबाग शहर के विभिन्न चौक – चौराहें पर कई वर्ष वर्ष पूर्व मेरे विधायक निधि द्वारा सीसीटीवी कैमरा लगाई गई है। जिसकी विजिबिलिटी काफी कम होने के कारण उक्त कैमरे से यातायात में जाम की समस्या से स्थानीय पुलिस- प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाती है तथा अपराधी भी किसी अपराध घटना को अंजाम देकर बड़े आराम से फरार हो जाते हैं।

पूर्व में लगे अधिकतर सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े है जबकि रांची के शहरी क्षेत्रों में कमांड सेंटर का गठन कर हाई विजिबिलिटी की सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से ट्रैफिक कंट्रोल व प्रबंधन के साथ
कई अपराधिक घटनाओं का उद्भेदन बहुत जल्द कर लिया जाता है। विधायक मनीष जायसवाल ने सरकार से जनहित में रांची के तर्ज पर हजारीबाग में भी कमांड सेंटर बनाने और हाई विजिबिलिटी की सीसीटीवी कैमरा जल्द लगाने की मांग की। वर्तमान वित्तीय वर्ष में ही लगाने की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम द्वारा दिए गए जवाब पर नाराजगी जताते हुए विधायक मनीष जायसवाल ने बताया कि सदन में घुमा फिरा कर जवाब दिया जाता है और जवाब में बोले गए समय पर कोई कार्रवाई नहीं होती है ऐसे में सरकार के द्वारा जनता को ठगने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने सदन के माध्यम से विभागीय मंत्री से स्पष्ट रूप से पूछा कि कब तक हजारीबाग के खराब पड़े सीसीटीवी कैमरे सुदृढ़ हो जाएंगे और ट्रैफिक सुधार के दिशा में सरकारी स्तर पर कारगर कदम उठाया जाएगा। जिसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि एक सप्ताह की समय सीमा के अंदर जांचोपरांत कार्य आगे बढ़ाया जाएगा ।
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