
केरेडारी से रोहित गोस्वामी की रिपोर्ट

केरेडारी : केरेडारी के जोरदाग गांव में वैदिक श्री श्री 1008 नौ दिवसीय शिव शक्ति रुद्र महायज्ञ हर्षोउल्लास के साथ सम्पन्न हो गया! जिसमें वैदिक मंत्रों के साथ आचार्य यज्ञाचार्य पंडित सत्येंद्र कुमार पाण्डेय विजय कुमार पाण्डेय प्रकाश शास्त्री अमित शास्त्री बब्लु शास्त्री राजेश पाण्डेय ने गांव क्षेत्र में सुखी शांति धन -धान्य व ज्ञान की वृद्धि के लिए यज्ञ मंडप में मंत्र उच्चारण कर क्षेत्र का वातावरण भक्ति बनाए रखे ! यज्ञाचार्य सात्येन्द्र पांडेय एवं आचार्य पंडितों ने 33 कोटी करोङ देवी- देवताओं को यज्ञकुण्ड में आहुति के साथ बतलाया कि हमारे हिन्दू सनातन धर्म में कहूँ कि पूजा का सबसे अच्छा मार्ग हवन और यज्ञ है, तो इसमे किसी को कोई शंका नही होगी! इस विधि से भगवान को सदियों पहले से ही हमारे ऋषि मुनि रिझाते हुए आये है! अग्नि ही यज्ञ का प्रधान देवता है! हवन में डाली गयी सामग्री प्रसाद सीधे हमारे आराध्य देवी देवताओ तक पवित्र अग्नि के माध्यम से जाता है! हवन का एक सबसे अच्छा लाभ यह है की इसके धुएं से वातावरण शुद्ध होता है! कुण्ड में अग्नि के माध्यम से भगवान के निकट पहुँचाने की प्रक्रिया को यज्ञ कहते हैं! हवि, हव्य अथवा हविष्य वह पदार्थ हैं जिनकी अग्नि में आहुति
दे जाती है जो अग्नि में डाले जाते हैं स्वास्थ्य के नजरिये से यज्ञ की पवित्र अग्नि के धुएं से वातावरण के कीटाणु और हानिकारक जीव नष्ट होते है जिससे शुद्धिकरण होता है! हवन में हव्य जैसे फल, शहद, घी, काष्ठे मिलकर वायुमण्डल को स्वास्थ्यकर बनाते है! अतः यह वैज्ञानिक द्रष्टि से भी अत्यंत महत्व रखता है! हवन करने वाले और आस पास के व्यक्ति के शरीर को शुद्ध करता है! मौके पर यज्ञ समिति समेत कई ग्रामीण महिला पुरुष मौजूद थे!

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