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वायु प्रदूषण से निजात हेतु उपायुक्त से किया त्रिपक्षीय बैठक बुलाने की माँग

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ByAdmin Office

Dec 18, 2023
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*अंतर्कथा प्रतिनिधि*

झरिया।झरिया में व्याप्त जानलेवा वायु प्रदूषण से निजात दिलाने हेतु जिला प्रशासन, बीसीसीएल प्रबंधन एवं झरिया के नागरिकों की एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित कर विचार विमर्श करने की माँग धनबाद उपयुक्त से की गई । धनबाद उपायुक्त, नगर आयुक्त धनबाद नगर निगम, एवं अनुमंडल पदाधिकारी धनबाद को दिए गए पत्र में कहा गया कि झरिया के चारो तरफ आउटसोर्सिंग के तहत कोयला की खुली खदानों मे खनन चल रही है जिसमें मानक के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है । जला हुआ कोयला का राख ओवर बर्डेन के साथ शहर की घनी आबादी के नजदीक गिराया जा रहा है । ऊँचाई पर सुखी राख गिरने के कारण धूल कण उड़ कर शहर में प्रदूषण फैला रहा है जिसके कारण यहाँ के निवासी गंभीर बिमारीयों के शिकार हो रहे हैं। प्रदूषण के कारण लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता का हास हो रहा है और लोग स्वांस संबंधित बिमारीयाँ, अस्थमा, न्युमोकोनोसिस, टीवी., कैंसर, मानसिक तनाव जैसी बिमारीयों से ग्रसित हो रहे है। गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। यहाँ के लोगों का औसत उम्र भी कम हो रहा है ।
मांग की गई कि ओवर बर्डेन को आबादी से दूर गिराया जाए ।ओवर बर्डेन को पानी के साथ गिला कर के ही गिराया जाए ताकि धूलकण उड़ने से वातावरण प्रदूषित न हो । कोयला ट्रांसपोटिंग मुख्य सड़क से न हो । ट्रांसपोटिंग क्षेत्रों में पानी का छिड़काव हो । ओवर बर्डेन एवं खनन क्षेत्र को समतल कर उस पर पौधारोपण किया जाए ।ग्रीन लाइफ के संयोजक डॉ मनोज सिंह ने कहा कि वायु प्रदूषण की समस्या से त्रस्त झरिया के नागरिक कई महीनों से आंदोलनरत हैं । किन्तु इनकी गुहार सुनने वाला कोई नहीं है । जिम्मेवार अधिकारियों को पता नही की प्रदूषण को कैसे नियंत्रित किया जाए । अतः जिला प्रशासन, बीसीसीएल प्रबंधन एवं नागरिकों के बीच त्रिपक्षीय बैठक हो ताकि उक्त बातों पर विचार विमर्श कर क्रियान्वित की जा सके । डॉ मनोज ने कहा कि यदि हमारी मांगों पर विचार नही हुआ तो हमलोग झरिया में आमरण अनशन पर बैठेंगे।यूथ कॉन्सेप्ट के संयोजक अखलाक अहमद ने कहा कि 14 दिसम्बर को हजारों नागरिकों ने सड़क पर उतर कर वायु प्रदूषण का विरोध किया किन्तु कोयला खनन में लगे लोगों के कार्यशैली में कोई अंतर नही हुआ । किन्तु प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा । यदि जिला प्रशासन हस्तक्षेप नही करता तो आंदोलन उग्र रूप धारण कर सकता है । इसलिए सरकार पहल कर वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद करे । इस कार्य मे हमारे जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना चाहिए ।


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