
राजधानी के बनहोरा में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस में लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी बाँटनेवाली ताक़तो से बचकर रहने का आह्वान

रांची 11 अगस्त. कांग्रेस के महासचिव एवं झारखण्ड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अबकी बार 400 पार का नारा दिया था लेकिन जिस प्रकार से देश ने भाजपा को 240 सीट पर समेट दिया है उसके बाद यह स्पष्ट है कि बैसाखियों पर चलती केन्द्र सरकार अगले 5 साल तक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और पसमांदा को उसके हक और अधिकारों से वंचित नहीं कर सकती. श्री मीर ने कहा कि यदि किसी भी गलती से भाजपा को अपने सपने के अनुसार लोकसभा चुनाव में अपेक्षित सीट मिल जाती तो आरक्षण समाप्त हो जाता.

आज राजधानी के बनहोरा जतरा मैदान में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए श्री मीर ने कहा कि झारखण्ड सरकार ने गरीबों के लिये बहुत अच्छे काम किये हैं और बड़ी संख्या में लोग सरकार की कल्याणकारी एवं गरीबों-वंचितों के लिये लाभकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने विशेष रूप से अबतक मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना में प्राप्त 37 लाख से अधिक आवेदनों की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार को यह सुझाव दिया है कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर अगले 20 अगस्त से सांकेतिक रूप से ही सही लेकिन मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना की शुरुआत की जाये और महिलाओं के खाते में रकम जाने की शुरुआत हो. श्री मीर ने कहा कि झारखंड को सीमेंट ने कहा कि झारखण्ड को मध्य प्रदेश और असम जैसे प्रदेशों से आये हुए लोगों की जरूरत नहीं है और वे खुद अपनी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम हैं. कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस विशाल और खुले विचारों वाली पार्टी है और सभी लोग अपने विचार और राय रखने को स्वतंत्र हैं. उन्होंने सभी से आह्वान किया कि झारखण्ड विधानसभा चुनाव के लिये तैयार हो रहे कांग्रेस के घोषणापत्र के लिये अपनी वैसे विचार दें जो झारखण्ड और यहाँ की जनता के हित में हो. श्री मीर ने कहा कि भाजपा और उसके नेता, भारतीय धर्म, संस्कृति और समाज की बजाय सत्ता की परवाह करते हैं. इसी कारण उसे 2014 और 2019 के चुनाव में तो सफलता मिल गयी लेकिन 2024 के चुनाव में मतदाताओं ने उसे ऐसा समेटा कि अब केन्द्र सरकार अगले 5 साल तक बैसाखी पर चलने को मजबूर है.
इस अवसर पर अपने संबोधन में झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासियों की सभ्यता-संस्कृति, बरसों-बरस पुरानी है और इसी के कारण प्रकृति का स्वरूप कायम है. उन्होंने कहा कि आदिवासी जल, जंगल एवं जमीन से जुड़े हैं और इसे बचाने के साथ और इसे बचाने के साथ सबसे ज्यादा जरूरत देश के संविधान की रक्षा करने की है क्योंकि वही आदिवासियों के अधिकार और उनके आरक्षण को हर हाल में बचाने की ताकत रखती है.
समारोह में अपने सम्बोधन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी भाजपा और उसके नेताओं की साज़िशों से बचकर रहने की जरूरत है.
मांडर की विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने अपने सम्बोधन में कहा कि आदिवासियों की संस्कृति के संरक्षण के लिए हमेशा बढ़-चढ़कर आगे रहने की जरूरत है. उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना की चर्चा की और उससे लाभान्वित होने की सभी से अपील की. आज के विश्व आदिवासी दिवस समारोह में समाज के प्रति अपना विशिष्ट योगदान देनेवाले बनहोरा क्षेत्र के 30 सम्मानित एवं वरिष्ठ नागरिकों के साथ ही परीक्षा से श्रेष्ठ प्रदर्शन करनेवाले 30 लोगों को एक-एक हजार रुपये की सम्मान राशि दी गयी. इसके साथ ही क्षेत्र के विविध गाँवों के लोगों की सुविधा के लिये कुर्सियां दी गयी. उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य लोगों के बीच इस अवसर पर पौधे का विवरण भी किया गया. विश्व आदिवासी दिवस की शुरुआत से पूर्व श्री मीर, श्री ठाकुर एवं श्री तिर्की ने पारंपरिक रूप से जतरा खूंटा की पूजा की और जल चढ़ाया साथ ही सभी अतिथियों ने जतरा मैदान में वृक्षारोपण भी किया.
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