
रिपोर्ट, अरुण कुमार सैनी

सिंदरी (धनबाद) दुर्गा मंडप रोड़ा बांध सिंदरी में
श्यामाप्रसाद मुखर्जी पुण्यतिथि मनाई गई।
एक ऐसे भारतीय क्रांतिकारी, राजनीतिज्ञ तथा महान हस्ती जिन्होंने अपने आदर्शों एवं सिद्धांतों के लिए सत्ता सुख का भी बलिदान कर दिया. जिन्हें सत्ता की न भूख थी और न ही सत्ता के लिए किसी राजनैतिक दल की चाटुकारिता करना पसंद था. कहते हैं कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी में वे सारे गुण थे जो एक आदर्श महापुरुष में होने चाहिए. ऐसे ही भारत देश के महान क्रांतिकारी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई, सन 1901 को एक बहुत ही कुलीन परिवार में हुआ था. इनके पिता का नाम आशुतोष बाबू था. जो अपने समय के एक प्रसिद्द शिक्षाविद थे. पतंजलि परिवार के ऊमा शंकर सिंह जी ने कहा गणित विषय में उनके योगदान को देखते हुए लंदन मैथमेटिकल सोसाइटी ने डॉ. मुखर्जी को अपने यहाँ सदस्य पद पर नियुक्त किया था। शैलेंद्र द्विवेदी जी ने कहा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने अपने पिता की मृत्यु के बाद 23 वर्ष की आयु में, उन्हें कलकत्ता विश्वविद्यालय के फेलो के रूप में चुना गया। अपने पिता की आकस्मिक मृत्यु के साथ, उन्हें कलकत्ता विश्वविद्यालय के सिंडिकेट के सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक पूरी निष्ठा के साथ विश्वविद्यालय को अपना कार्य किया। भारत के प्रथम उद्योग मंत्री बने उनके उद्योग मंत्रित्व काल मे ही एशिया का प्रथम सबसे बड़े फ़र्टिलज़र फैक्ट्री का सीलान्यास सिंदरी मे हुआ!और महिला योग प्रशिक्षक इंदु बाला जी राजकुमारी देवी एवम राष्ट्रीय गीत गाकर माहौल को देश भक्ति में कर लिए और समस्त साथी गण रविंद्र प्रसाद सुनील कुमार मिश्रा असीम मंडल सुदर्शन संतोष श्रीवास्तव विकाश राहुल टी एन तिवारी पूनम देवी आदित्य दुबे रामेश्वर दुबे शुक्ला शाह नीरज चौधरी राजेश सोनार इंद्रदेव रबीदास सलीम सोनू चक्रवर्ती अजय दास अर्जुन राय दीपांकर ठाकुर तारकेश्वर महतो इत्यादि मौके पर मौजूद थे।

There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
