
*मुंबई :* बॉलीवुड के एक बेहतरीन अभिनेता, निर्माता और निर्देशक के तौर पर जाने जाते थे शोमैन राजकपूर, क्योंकि वे अपनी फिल्मों के वनमैन शो हुआ करते थे.
बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले राज कपूर आज 98वीं बर्थ एनिवर्सरी है. राज कपूर, पृथ्वीराज कपूर और रामसरणी मेहरा के 6 बच्चों में सबसे बड़े थे, राज, फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखते थे, जिससे अभिनय उनके खून में था. हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता व फिल्म निर्देशक दिवंगत एक्टर राज कपूर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. आज भले ही राज कपूर साहब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके चाहने वालों की कमी आज भी कम नहीं हुई हैं उनके करोंड़ों फैंस हैं एक्टर ने बॉलीवुड को एक से एक शानदार फिल्में दी हैं.

*मधुबाला के साथ फिल्मी करियर की शुरुआत की*

राज कपूर का जन्म 14 दिसंबर 1924 को पेशावर में हुआ था, साल 1935 में महज 11 साल की उम्र में राज कपूर ने ‘इंकलाब’ फिल्म में अभिनय किया था. उस समय राज कपूर बॉम्बे टॉकीज स्टूडियो में सहायक का काम करते थे. इसके बाद इन्होंने क्लैपर ब्वॉय का काम भी किया. कुछ लोगों का कहना हैं कि राज कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर को ऐसा लगता था कि यह अपनी लाइफ में कुछ बड़ा नहीं कर पाएंगे. नायक के रूप में राज कपूर का फिल्मी करियर काफी शानदार रहा, इन्होंने सबसे पहले अभिनेत्री मधुबाला के साथ अपने करियर की शुरूआत की थी.
*ऐसे हुई थी दोनों की मुलाकात*
राज कपूर जद्दन बाई से मिलने उनके घर पहुंचे और बेल बजाई, उस वक्त जद्दन बाई घर पर नहीं थीं। नरगिस ने दरवाजा खोला. वो रसोई से दौड़ती हुई आईं थीं, जहां वो पकौड़े तल रही थीं. इस दौरान गलती से उनके गाल पर भी बेसन लग गया था. राज कपूर को नरगिस की ये मासूमियत भा गई. ‘बीबीसी’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1948 में राज कपूर की नरगिस से जब पहली मुलाकात हुई तब वो 20 साल की थीं और तब तक 8 फ़िल्मों में काम भी कर चुकी थीं. जबकि राज कपूर उस वक्त 22 साल के थे और तब तक उन्हें कोई फिल्म बनाने का मौका नहीं मिला था। दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और फिर ये मोहब्बत में बदल गया
*इसलिए बेचे थे अपने गहने*
राज कपूर और नरगिस ने साथ में 16 फिल्में की थीं. ‘आवारा’ फिल्म के एक गाने को फिल्माने के लिए ही राज कपूर ने 8 लाख रुपए खर्च कर दिए जबकि पूरी फिल्म पर तब तक 12 लाख रुपए खर्च हुए थे.एनएफ इस बात का खुलासा फ़िल्म जर्नलिस्ट मधु जैन ने अपनी किताब ‘फर्स्ट फैमिली ऑफ इंडियन सिनेमा- द कपूर्स’ में किया है. इस किताब में मधु ने लिखा है कि ‘नरगिस ने अपना दिल, अपनी आत्मा और यहां तक कि अपनी कमाई हुई पूरी पूंजी तक अपने दोस्त राज कपूर की फिल्मों में लगा दी थी. जिस दौरान आर.के. स्टूडियो आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था तब नरगिस ने कीमती सोने का कंगन बेच दिया, इतना ही नहीं इसके लिए उन्होनें दूसरे प्रोड्यूसरों की फिल्में जैसे अदालत, घर संसार और लाजवंती में एक्स्ट्रा शिफ्ट में काम कर पैसा भी कमाया.
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
