
*वह ‘पावर इंज्वाय’ कर रहा है। न्यायिक हिरासत में रहते हुए रिम्स में इलाज के दौरान उसने करीब 300 फोन कॉल किये। उसका राजनीतिक रसूख ऐसा कि साहिबगंज थाने में उस पर दर्ज प्राथमिकी की जांच में उसे निर्दोष बताया गया। पंकज मिश्रा की जमानत याचिका का विरोध करते हुए ईडी की ओर से कोर्ट में यह दलील दी गयी है। जमानत याचिका का विरोध करते हुए ईडी की ओर से कहा गया कि अभियुक्त पंकज मिश्रा न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान भी लगातार वरीय पुलिस और राज्य के अधिकारियों से बात करता रहा। उसके सहयोगियों के अलावा रिम्स में उसकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों ने भी उसे फोन की सुविधा मुहैया करायी। वह अपने सहयोगियों की मदद से अब भी अवैध कार्यों को अंजाम दे रहा है। ईडी ने कोर्ट को बताया कि अभियुक्त पंकज मिश्रा प्रभावशाली व्यक्ति है। सर्विलांस में लगाये गये उसके एक फोन कॉल की जांच से पता चला है कि वह अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करता है।
There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
