
गावां हाट बाजार में सोमवार को महाराजा बिजली पासी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेन्द्र चौधरी व मंच संचालन बिनोद कुमार चौधरी ने किया। जबकि मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ डोमी लाल चौधरी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश्वर महथा उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और कमिटी के पदाधिकारियों द्वारा द्वीप प्रज्जवलित कर की गई। उसके बाद सामाज के पूर्वज लखनऊ प्रक्षेत्र के महाराजा बिजली पासी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस दौरान पासी समाज के लोगों ने महाराजा बिजली पासी के दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि डॉ डोमी लाल चौधरी ने कहा कि विकास के लिए समाज के सभी लोगों का शिक्षित होना जरूरी है। बेटों के साथ बेटियों को भी स्कूल भेजना होगा। बिना शिक्षा के विकास की बात बेमानी है। हक की रक्षा के लिए संगठन की मजबूती जरूरी है। एकजुट होकर संघर्ष करने पर ही अधिकार मिलेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश्वर महथा महाराजा बिजली पासी के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि महाराजा एक वीर पुरुष थे। उन्होंने अपनी वीरता के बल पर अपना राज्य स्थापित किया। उन्होंने एक के बाद एक कुल 12 किले बनवाए। इनका नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज होना चाहिए, लेकिन पूर्वाग्रही इतिहासकारों ने हमारे महापुरुषों को स्थान नहीं दिया और न ही उनकी वीरता का ही उल्लेख किया है। इसलिए हम सभी का यह दायित्व है कि अपने गौरवशाली इतिहास को जाने और अपने स्वर्णिम भविष्य का निर्माण करें। यही समाज के सभी महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जिप सदस्य पवन कुमार चौधरी ने कहा कि पासी समाज के लोग संगठित हो जाएं। संगठित होकर संघर्ष करने पर ही हक और अधिकार की रक्षा हो सकेगी। शिक्षा पर ध्यान दें और बेटे-बेटियों को स्कूल भेजें। बेटा शिक्षित नहीं होगा तो एक परिवार कमजोर होगा, लेकिन बेटी अशिक्षित रह गयी तो दो परिवारों का विकास रुक जाएगा। जिला अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करें। शराब से दूर रहें और एकजुट होकर हक के लिए संघर्ष करें। महाराजा बिजली पासी और पासी सामाज के राजाओं का स्वर्णिम इतिहास रहा है। पासी राजाओं के समय कोई अपने घरों में ताला नहीं लगाया जाता था। एक बेहतर शासक के रूप में कार्य करते थे। कहा कि आज भी उत्तर प्रदेश की कई प्रमुख स्थान का नामाकरण पासी महाराजाओं के नाम से है।
मौके पर अशोक चौधरी, राजेंद्र चौधरी, गनोरी महथा, ब्रजकिशोर चौधरी, अरुण चौधरी, सुरेश चौधरी, जितेंद्र चौधरी, हरिहर चौधरी, पप्पू चौधरी, मुंशी महथा, सतीश चौधरी, सुखदेव महथा, बालगोविंद चौधरी, अनिल चौधरी, महेंद्र चौधरी, केदार चौधरी, चिंता देवी, भीम चौधरी, शिवमंगल चौधरी, जागेश्वर चौधरी, पूजा चौधरी, मालती देवी, बसन्ती देवी, टुनी देवी, संतोष चौधरी, सागर चौधरी, संजय चौधरी, लक्ष्मण चौधरी समेत कई उपस्थित थे।

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