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मधुबनी सदर अस्पताल की सफाई की जिम्मेबारी भी अब जीविका दीदी के हाथ में

ByAdmin Office

Aug 30, 2024

 

 

मधुबनी. बेहतर एवं सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने व रोगियों के लिए आवश्यक सुविधा को उत्तम बनाने के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है.

 

इसी क्रम में पिछले तीन वर्ष से सदर अस्पताल के मरीजों को जीविका दीदी द्वारा घर जैसा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं अब सदर अस्पताल की साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी जीविका को दे दी गई है.

 

इसके बाद स्वच्छ भोजन के तरह ही अस्पताल परिसर चकाचक होगा. इसी क्रम में गुरुवार को सदर अस्पताल में नवनिर्मित सीएसडी कैंटीन में साफ-सफाई एवं कपड़ा धुलाई का उद्घाटन सिविल सर्जन डा. नरेश कुमार भीमसारिया, जीविका के डीपीएम वसीम अंसारी ने संयुक्त रुप से दीप जलाकर किया.

विदित हो कि राज्य के सदर अस्पताल सहित सभी अनुमंडलीय अस्पतालों के रोगियों के उपचार अवधि के दौरान शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति जीविका द्वारा संपोषित सामुदायिक संगठन दीदी की रसोई के माध्यम से कराई जा रही है.

 

इसका सकारात्मक परिणाम सामने हुआ है. इसके बाद सदर अस्पताल व अनुमंडलीय अस्पतालों में भवनों एवं परिसर की साफ-सफाई एवं वस्त्रों की धुलाई का कार्य बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन समिति द्वारा संपोषित सामुदायिक संगठन जीविका के माध्यम से गुरुवार से शुरू कर दी गई. दीदी की रसोई के सकारात्मक परिणाम को देखकर लिया गया निर्णय कार्यपालक निदेशक द्वारा जारी पत्र में कहा गया गया है कि राज्य सरकार द्वारा सूबे के सभी जिला अस्पतालों व अनुमंडलीय अस्पतालों में इंडोर मरीजों के उपचार अवधि के दौरान शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था जीविका द्वारा संचालित दीदी की रसोई के माध्यम से करायी जा रही है.

 

इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं. इसे संज्ञान में लेते हुए अस्पतालों में साफ-सफाई एवं वस्त्रों की धुलाई का कार्य जीविका को सुपुर्द करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जीविका के साथ एमओयू साइन किया गया है. पांच वर्ष का होगा अनुबंध कार्यपालक निदेशक द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि अनुबंध पांच वर्षों के लिए किया गया है. इस अवधि में विभाग द्वारा राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही सेवाओं का नियमित अनुश्रवण, कार्य की गुणवत्ता एवं परिणाम का मूल्यांकन कराया जायेगा. प्राप्त सेवाएं मानक स्तर पाए जाने पर पांच-पांच वर्ष का अवधि विस्तार विभाग द्वारा किया जायेगा.

24 घंटे उपलब्ध करायी जायेगी साफ-सफाई सेवा जीविका द्वारा सदर अस्पताल एवं अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर, जयनगर एवं फुलपरास में साफ-सफाई की सेवाएं अनिवार्य रूप से सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध करायी जाएगी.

 

वस्त्रों की धुलाई की सेवाएं भी आवश्यकतानुसार निर्बाध रखने की जिम्मेदारी जीविका की होगी. इसके लिए लिए सदर अस्पताल परिसर में भवन का निर्माण किया गया है. आवश्यक स्थान, कमरा, बिजली, पानी तथा प्रसाधन की व्यवस्था जीविका को संबंधित स्वास्थ्य संस्थान द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा. साफ सफाई के लिए 1 रुपए 20 पैसे प्रति वर्ग मीटर की दर से प्रतिदिन भुगतान मान्य होगा.

 

इसमें मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए 5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की जाएगी. वस्त्रों की धुलाई एवं अस्पताल भवन एवं परिसर की साफ-सफाई पर होने वाले व्यय का वहन स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय अंतर्गत संस्थानों के सुसंगत विषय शीर्ष में उपबंधित राशि से किया जाएगा. स्वास्थ विभाग द्वारा यह राशि राज्य स्वास्थ्य समिति को उपलब्ध कराई जाएगी, इसके बाद मांग के आधार पर केंद्रीकृत भुगतान जीविका को की जाएगी. गुरुवार से शुरू हुआ साफ-सफाई का काम जिला कार्यक्रम प्रबंधक जीविका वसीम अंसारी ने कहा कि अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर, फुलपरास एवं झंझारपुर में साफ सफाई 15 अगस्त से शुरू कर दी गई थी.

 

जबकि गुरुवार से सदर अस्पताल में साफ-सफाई का कार्य अनुबंध के अनुरूप शुरू कर दी गई. इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ नरेश कुमार भीमसारिया ने कहा कि अधीक्षक सदर अस्पताल एवं उपाधीक्षक अनुमंडलीय अस्पताल को जीविका द्वारा कार्य प्रारंभ करने के बाद वर्तमान में साफ सफाई एवं वस्त्र धुलाई कर रही एजेंसी का बिलिंग बंद करने का निर्देश दिया गया है. डीपीओ जिविका वसीम अंसारी ने कहा कि जीविका दीदीयों के लिए यह उपलब्धि है. उन्हें सभी क्षेत्र में रोजगार का अवसर मिल रहा है. इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. नरेश कुमार भीमसरिया, एसीएमओ डॉ. आरके सिंह, एनसीडीओ डा. एसएन झा, डीवीबीडीसीओ डा. एसएन सिंह, प्रभारी अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन डीपीएम पंकज मिश्रा, जीविका डीपीएम वसीम अंसारी, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद सहित जीविका के कर्मी व स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.


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