
सरायकेला-खरसावाँ जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों एवं बैंकिंग क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची कार्यालय द्वारा 21 अगस्त 2026 को नगर समागम बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक, झारखण्ड की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रक्षा मिश्र ने की।
कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक के उप महाप्रबंधक, एमएसएमई-डीएफओ के निदेशक, एसएलबीसी के उप महाप्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया के उप महाप्रबंधक सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी, आदित्यपुर लघु उद्योग संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार है। यह सकल घरेलू उत्पाद में एक-तिहाई से अधिक तथा कुल निर्यात में 45 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है और रोजगार उपलब्ध कराने वाले प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किए गए विभिन्न प्रावधानों एवं पहलों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बिना संपार्श्विक ऋण की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख की गई है। सुदृढ़ वित्तीय रिकॉर्ड वाले उद्यमों के लिए यह सीमा ₹25 लाख तक है। इसके अतिरिक्त ₹25 लाख तक के एमएसई ऋण आवेदनों पर 14 कार्य दिवसों के भीतर ऋण निर्णय, सरल भाषा में Key Facts Statement (KFS), TReDS प्लेटफॉर्म, फ्लोटिंग रेट ऋणों के पूर्व-भुगतान पर शुल्क से संबंधित प्रावधान तथा CGTMSE कवरेज के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान लागू हैं।
क्षेत्रीय निदेशक ने बैंकों से उक्त नियामकीय प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने उद्यमियों एवं उद्योग संघों से भी भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रासंगिक नियामकीय प्रावधानों एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी रखने तथा उनका समुचित लाभ उठाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक, राँची के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों के लिए विभिन्न विषयों पर जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। इस दौरान कुछ उद्यमियों ने अपनी उद्यमिता यात्रा, संघर्ष एवं सफलता की कहानियां साझा कीं, जिससे उपस्थित प्रतिभागियों को प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम स्थल पर जिले एवं राज्य के विभिन्न उद्यमियों द्वारा अपने उत्पादों के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी स्टॉल भी लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से स्थानीय एमएसएमई उत्पादों, नवाचार एवं उद्यमिता की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया।
नगर समागम बैठक का उद्देश्य एमएसएमई उद्यमियों, बैंकों एवं अन्य संबंधित हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, ऋण एवं बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को सुगम बनाना, नियामकीय प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा एमएसएमई क्षेत्र के सतत विकास को प्रोत्साहित करना रहा।
There is no ads to display, Please add some


Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
