
जमशेदपुर । आदिवासी उराँव समाज समिति पूर्वी सिंहभूम के तत्वाधान में पुराना सीतारामडेरा, बिरसानगर, उलीडीह, शंकोसाई, बागबेड़ा, जादूगोड़ा, नूतनडीह समेत अन्य स्थानों में करमा पूजा धूमधाम के साथ मनाया गया । दिन मंगलवार, 22 सिंतबर को सभी करम दोपहर 3 बजे समाज के कुँवारे युवाओं द्वारा पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना कर धूवन धूप अर्पण कर करम राजा को आमंत्रित किया गया एवं मांदर ढोल नगाडा बजाकर करम डाल को पूजा स्थल पर लाया गया , जहाँ कुँवारी युवतियों द्वारा करम डाल को स्वीकार कर पूरे बस्ती में भ्रमण कराया गया । उसके बाद पाहन द्वारा विधिवत पूजा कर करम डाल को अखाड़ा में स्थापित किया गया । रात्रि 8 बजे से करम राजा की कहानी सुनाई गई जिसके बाद पूजा अर्चना कर सभी व्रतधारी अपना व्रत तोडें उसके बाद रात भर पारम्परिक परिधान एवं वाद्य यंत्रों के साथ नृत्य कर करम पूजा महोत्सव की खुशियां मनाई गई ।
सीतारामडेरा में पाहन बुधु मिंज , संचु खालखो,भोला कच्छप और बिरसानगर में पाहन महावीर कुजूर , उलीडीह में पाहन पाण्डु कुजूर , शंकोसाई में पाहन बासु लकड़ा , बागबेड़ा में पाहन बुधराम टोप्पो द्वारा पूजा अर्चना की गई। जबकि सीतारामडेरा में कहानी सुखराम लकड़ा, सोमा कोया एवं बिरसानगर में गणेश कुजूर , उलीडीह में राजेश्वर किस्पोट्टा ,शंकोसाई में आदिति तिर्की तथा बागबेड़ा में बुधराम टोप्पो द्वारा सुनाई गई । पूजा के उपरांत रात भर मांडर, ढोल एवं नगाड़ों की धुन पर समाज के महिला पुरुष, युवक युवती, एवं बच्चों ने पारंपरिक संगीत पर नृत्य करते हुए एक दूसरे को करम पर्व की शुभकामनाएं दी। पूजा के दौरान विभिन्न समाज के अगुवा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी भी उपस्थित हुए जिनमे मुख्य रूप से विधायक सरयू राय, पूर्व विधायक कुणाल सारंगी , समाजसेवी राजकुमार सिंह, ललित दास,महावीर मुर्मू, सुबोध श्रीवास्तव,अंकिता टोप्पो,अंकित सिंह, परेश मुखी, शंभू मुखी, राकेश उरांव, प्रमोद लाल, खुदु उरांव,जोलेश मुखी, बाबूलाल बोईपाई ,गुंजन यादव, बंटी सिंह , उपेन्द्र बानरा, प्रेम झा ,आनंद समद , झारखंड आंदोलनकारी शिबू दा, उज्ज्वल दास समेत अन्य अतिथि शामिल हुए। वहीं सीतारामडेरा में पूजा कार्यक्रम शालू लकड़ा ,संतोष लकड़ा, लखींद्र लकड़ा एवं बिरसानगर में बुधराम खलखो,गणेश कुजूर, कार्तिक उरांव तथा शंकोशाई मानगो में लक्ष्मण मिंज,राजेश तिर्की और उलीडीह में गोपाल टोप्पो एवं बागबेड़ा में बुधराम टोप्पो के देखरेख में करम पूजा सम्पन्न हुआ। वहीं 23 सितंबर को दोपहर 3 बजे सभी अखाड़ों से अपने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ नृत्य कर करम राजा को शोभायात्रा के रूप में स्वर्णरेखा नदी में विसर्जित किया जाएगा।

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