
रिपोर्ट, अरुण कुमार सैनी

केंदुआ(धनबाद) बीसीसीएल कुसुंडा क्षेत्र के गोधर कोलियरी में संचालित ओपेन कास्ट परियोजना में गर्म ओबी की चपेट में आकर बुरी तरह झुलसी खुशी कुमारी की आज दुखद मृत्यु हो गई, जिसके लिए बीसीसीएल प्रबंधन एवं बीएलए आउटसोर्सिंग अलकुशा पूरी तरह जिम्मेवार है। उक्त बातें कोलियरी क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता राहुल राम ने कहीं।
उन्होंने कहा कि
मैं मांग करता हूं कि खुशी कुमारी की मौत पर केंदुआडीह थाने में दोषी लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो एवं 27 सितंबर को आग की चपेट में आकर जो पांच लोग झुलस गए थे, उस मामले पर भी केंन्दुआडीह थाने में कांड अंकित हो।

यदि समय रहते परियोजना क्षेत्र के खतरनाक स्थल तक पहुंच को अवरुद्ध करने हेतु सुरक्षात्मक उपाय किए गए होते, तो आज की यह दुर्घटना घटित नहीं होती और खुशी कुमारी की असामायिक निधन नहीं होती।
अभी भी झुलस गए पांच लोगों में से बाकी बचे चार लोग प्राण संकट से जूझ रहे हैं। पैसे के अभाव में इनका इलाज रुका हुआ है। ईश्वर ही इनकी रक्षा कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि पांचो का इलाज धनबाद के ही विभिन्न अस्पतालों में चल रहा था। खुशी कुमारी की मृत्यु अशर्फी अस्पताल में हुई। जबकि बाकी चारों का इलाज पैसे के अभाव में रूक जाने के कारण ट्रंकिल अस्पताल, मटकुरिया बैंक मोड़ धनबाद से छुट्टी कराकर अपने-अपने घर वापस आ गए थे। घर वापस आए चारों पीड़ितों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन इनकी सूध कोई लेने वाला नहीं है।
आउटसोर्सिंग प्रबंधक नवीन कुमार ने पीड़िता ज्योति कुमारी, बंटी कुमार एवं रानी कुमारी में से प्रत्येक को मात्र 25-25 हजार रुपए, रीना देवी को मात्र 20 हजार एवं खुशी कुमारी को लगभग 55 हजार देकर अपना कर्तव्य पूरा हुआ समझ लिया। इलाज एवं क्षतिपूर्ति मांगने पर आउटसोर्सिंग प्रबंधक नवीन कुमार कहते हैं कि हम इलाज कराने एवं क्षतिपूर्ति देने का ठेका नहीं लिए हैं। सुरक्षात्मक उपाय करना हमारी जिम्मेवारी नहीं है। जो मांनको अधिनियम का उल्लंघन है और न्याय संगत नहीं है।
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