• Thu. Feb 26th, 2026

पहली बार सूर्य को ‘छूकर’ निकला नासा का स्‍पेसक्राफ्ट, ढूंढा सौर हवाओं का सुराग

Admin Office's avatar

ByAdmin Office

Jun 11, 2023

 

*नयी दिल्ली:* पार्कर सोलर प्रोब कई बार सूर्य के करीब से होकर गुजरा है। हाल में इसने सूर्य के साथ अबतक का सबसे नजदीकी अप्रोच बनाया।
नासा ने एक जिफ क्लिप में इसकी झलक दिखाई् है
साल 2018 से सूर्य से डेटा जुटा रहा है पार्कर सोलर प्रोब
हाल में इसने सौर हवाओं के सोर्स का लगाया है पता। पार्कर सोलर प्रोब ने जो डेटा जुटाया, उससे सौर हवाओं के सोर्स का पता चला है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का पार्कर सोलर प्रोब साल 2018 से सूर्य के बारे में जानकारी जुटा रहा है। जब इसने अपना मिशन शुरू किया था, उस समय सौर गतिविधियां शांत थीं। साल 2019 से सूर्य में हलचलों का दौर शुरू हुआ, जो 2025 तक जारी रहेगा। पार्कर सोलर प्रोब कई बार सूर्य के करीब से होकर गुजरा है। हाल में इसने सूर्य के साथ अबतक का सबसे नजदीकी अप्रोच बनाया। एक ट्वीट के जरिए नासा ने इसकी झलक दिखाई। उसे देखकर लगता है कि स्‍पेसक्राफ्ट ने सूर्य को लगभग ‘छू’ लिया था। पार्कर सोलर प्रोब ने जो डेटा जुटाया, उससे सौर हवाओं के सोर्स का पता चला है।
खबर पर आगे बढ़ें, उससे पहले जानते हैं कि सौर हवाएं होती क्‍या हैं? सौर हवाएं सूर्य से न‍िकलकर हर दिशा में बहती हैं। यह सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड को अंतरिक्ष तक ले जाने में सहायक होती हैं। सौर हवाएं पृथ्‍वी पर चलने वाली हवाओं की तुलना में बहुत कम घनी होती हैं, लेकिन इनकी रफ्तार तेज होती है। सौर हवाएं 20 लाख किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्‍यादा की रफ्तार से बहती हैं। यह इलेक्‍ट्रॉन और आयोनाइज्‍ड परमाणुओं से बनती हैं, जो सूर्य के मैग्‍नेटिक फील्‍ड के साथ तालमेल बैठाते हैं। सौर हवाएं जहां तक बहती हैं, वह सूर्य का सबसे प्रभावित करने वाला क्षेत्र होता है।
पार्कर सोलर प्रोब के डेटा से पता चला है कि सौर हवाएं सूर्य के विशेष क्षेत्रों से उत्‍पन्‍न होती हैं। यह स्‍टडी नेचर मैगजीन में पब्लिश हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि सौर हवाएं सूर्य के कोरोनल होल्‍स के अंदर खास जगह से प्रवाहित होती हैं। इस खोज से वैज्ञानिकों को सौर तूफानों को समझने में मदद मिल सकती है। सौर तूफानों से जुड़ी भविष्‍यवाणी में भी यह जानकारी काम आ सकती है।
दुनियाभर के वैज्ञानिकों की नजर इन दिनों सूर्य में हो रही गतिविधियों पर है। अपने 11 साल के सौर चक्र से गुजर रहा सूर्य बेहद एक्टिव फेज में है। इससे आए दिन सोलर फ्लेयर, कोरोनल मास इजेक्‍शन यानी CME निकल रहे हैं। पार्कर सोलर प्रोब इन घटनाओं की बारीकी से निगरानी कर रहा है। पिछले दिनों यह सूर्य की सतह के 85 लाख किलोमीटर तक करीब गया था। इस बार इसने और भी ज्‍यादा करीब जाकर सूर्य को टटोला।


There is no ads to display, Please add some
Post Disclaimer

स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *