
नवादा जिले के सूदखोरों की पड़ताड़ना से तंग केदारनाथ गुप्ता के परिवार के छठे सदस्य उसकी 16 वर्षीय बेटी साक्षी ने आज जिंदगी से जंग लड़ते हुए पावापुरी विम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया। यह घटना एक तरफ बिहार की सुशासन की पोल पट्टी खोल कर रख दी है तो दूसरी तरफ सूदखोर के आतंक के साये में किस तरह राज्य के गरीब गुरबा जी रहे हैं उसकी भी पोल पट्टी खोल कर रख दी है।

जानकारी के अनुसार इस परिवार के मुखिया 50 वर्षीय केदार लाल गुप्ता ने अपने खुदकुशी से पहले 2 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा तथा बताया कि किस तरह 6 सूदखोर उन्हें पड़ताडित किया, जो मानवता को कलंकित करने वाला है।घटना के एक दिन पहले 8 नवम्बर को लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि शहर के न्यू एरिया मोहल्ले के मनीष सिंह,विकास सिंह,विजय सिंह टून टून सिंह(खटाल) एवं रणजीत सिंह से कर्ज लिया था जो दुगुना तिगुना व्याज जमा कर चुके थे।फिर भी उनका कर्ज़ खत्म नही हुआ था।

सुसाइड नोट में जिक्र है कि कर्ज चुकता करने को महाजनों से मोहलत मांग रहे थे। साल-छह महीने का वक्त मांग रहे थे, लेकिन कर्ज देने वाले कुछ भी सुनने-समझने को तैयार नहीं थे। पिछले पांच-छह सालों से लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। ब्याज नहीं देने की स्थिति में गाली गलौज करते थे। जिससे विवश होकर यह गलत कदम उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी लिखा कि कर्ज देने वाले समाज का कीड़ा है, जो समाज को बर्बाद कर रहे हैं। कर्ज देने वाले छहों लोगों ने कई लोगों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। ऐसे दीमकों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
यह घटना पूरे मानवता को शर्मसार करने वाली है।इस घटना के बाद इन सूदखोरों पर क्या कार्रवाई होती है यह तो बक्त बताएगा। क्योंकी यहां शासन व्यवस्था और पुलिस पर सवाल उठते रहे हैं।इन सूदखोरों के सर पर भी कई बड़े हाथ होते है।लेकिन सूद के दलदल में डूबे इस परिवार के छ लोगों की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को शर्मसार कर दिया।
कर्ज से परेशान केदारनाथ सहित परिवार के छह सदस्यों ने जहर सेवन कर लिया था। इसमें घर के मुखिया 50 वर्षीय केदार लाल गुप्ता, 47 वर्षीय पत्नी अनिता कुमारी बेटा 16 वर्षीय प्रिंस बेटी 20 वर्षीय शबनम कुमारी, बेटी 17 वर्षीय गुड़िया कुमारी शामिल है, जबकि एक छोटी बेटी की हालत चिंताजनक बनी हुई थी। उसकी भी मौत हो गयी ।
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