

धनबाद। एक ओर तो सरकार स्वच्छ भारत की कल्पना करती है और दूसरी ऒर नालियों की साफ सफाई को नजरअंदाज करना क्या सही है , क्या नालियों से पनप रहे बिमारियों को गले लगाना , इन दुष्प्रभाव के जाल में ही जीवन बिताना , आखिर ये कब तक झेलना पड़ेगा , आखिर कब तक,,, ।
आज हम चाहे जितने भी वैज्ञानिक युग में चले जाये ,चाहे नई से नई तकनीक के शिखर पर क्यों ना पहुँच जाये कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि हम एक ऐसे समाज में नहीं रह सकते जहाँ समाज के ठेकेदार समाज को बुलंदी में ले जाने की बजाय गर्त में रखने में हीं अपनी समझदारी समझते हैं ।
और इसी का नमूना हमारे वार्ड 11 का है जहाँ पर विकास के नाम पर जीतना लूटना है लूट लो वो आगामी चुनाव के खर्च में काम आयेगा , शहर में नालियों की ये अवस्था हो गयी है कि कहते हुए भी अपनी नाक को सिकोड़ना पड़ जाता है ,ये नाली अलकुशा मुस्लिम बस्ती होकर फागु साव दुकान के पीछे पंजाबी धौड़ा होकर गुजरी है , जो बारिश के दिनों में तो इन नालियों का गन्दा पानी लोगों के घर में घुस जाता है , जीवन नाली में और नाली में हीं जीवन सा लगने लगा है , यदि इसकी सफाई निरंतर होती रहती तो आज ये हालात नहीं होते , आये दिन लोग बीमार होते ही रहते हैं । इसके अलावा खैरा आजमगढ़ सेंटर में बनी बड़ी नाली, खैरा बीसीसीएल कार्यालय के पीछे, बाबू बाशा बी,एन, आर नया सेंटर, इत्यादि की नालियां अब तक की सफाई नहीं हो सकी है। लोग इसकी शिकायत कई बार करके थक चुके है पर अभी तक किसी के कान में जूँ तक नहीं रेंगा , वार्ड 11 के कुछ लोग अब सीधे नगर निगम में धरना देने का विचार बना रहे हैं यदि शीघ्र हीं नालियों की साफ सफाई नहीं किया गया तो और भी किसी प्रकार का आंदोलन करने को बाध्य होंगे
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