
टीबी मरीजों को गोद लेने का उद्देश्य उपचार मुहैया कराने के साथ मदद भी करना है : राजेन्द्र प्रसाद
अंतर्कथा : बरही/पंचम पाण्डेय

टीबी मुक्त बनाने के लिए हर रोज प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत बरही अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार को डीएस प्रकाश ज्ञानी की उपस्थिति में धनवार मुखिया राजेन्द्र प्रसाद ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जनभागीदारी अभियान के तहत 11 टीबी रोगियों को गोद लिया। मरीजों को नि:क्षय पोषण योजना के लाभ के साथ भूना चना, सत्तू, सोयाबीन, गुड़, मूंगफली, बिस्किट आदि खाद्य पदार्थों के पैकेट दिए गएा। इस अवसर पर धनवार मुखिया राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि टीबी कोई असाध्य बीमारी नहीं है। टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए अभियान तेज किया गया है। मरीजों की देखभाल के लिए उन्हें गोद लेने की योजना शुरू हुई है। इसमें कोई भी नागरिक एक या एक से अधिक मरीज को गोद लेकर उनकी देखभाल और मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को गोद लेने का उद्देश्य सिर्फ उपचार मुहैया कराना नहीं है, बल्कि मरीजों की मदद भी करना है। टीबी मरीजों के स्वास्थ्य का ख्याल रखना हमारी प्राथमिकता है। सही समय पर बीमारी का पता चल जाए तथा उन्हें सही उपचार और पोषण दिया जाए तो इलाज हो सकता है। डीएस प्रकाश ज्ञानी ने कहा कि आसपास कोई भी टीबी का मरीज है तो उसे क्षय रोग केंद्र अवश्य ले जाएं। वहां उन्हें उचित इलाज दिया जाएगा। क्षय रोग को तपेदिक या टीबी भी कहा जाता है। इसे प्रारंभिक अवस्था में ही नहीं रोका गया तो यह जानलेवा साबित हो जाता है। इसलिए लक्षण महसूस होते ही इलाज शुरू हो जाना चाहिए। द्रोपदी देवी, कलवा देवी, आरती देवी, बिशुन पंडित, वासुदेव सिंह, लक्ष्मी कुमारी, शांति देवी, टेकलू भुइयां, कैलाश भुइयां, निशा कुमारी, विजय मेहता आदि को मुखिया राजेन्द्र प्रसाद ने गोद लिया। मौके पर डीएस प्रकाश ज्ञानी, प्रकाश साव, मैनेजर सुधांशु कुमार, बिजेन्द्र कुमार, लिपिक पंकज कुमार, रविरंजन कुमार, नरेश कुमार, कुलदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।

There is no ads to display, Please add some







Post Disclaimer
स्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है
Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com
