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धनबाद में फर्जी सिम और म्यूल अकाउंट रैकेट का भंडाफोड़ गांव वालों के नाम पर जारी सिम से देशभर में हो रही थी साइबर ठगी, 4 गिरफ्तार

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Aug 8, 2026
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धनबाद: विशेष जांच टीम की त्वरित कार्रवाई डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकॉम्यूनिकेशन से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बलियापुर और कालूबथान क्षेत्र में जाल बिछाकर संगठित साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है।

पुलिस केंद्र धनबाद में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि सिंद्री एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना शिवंजीत देव, उसके साथी कृष्णा राज समेत गांव के गरीब लोगों को झांसे में लेने वाले गोविंद बाउरी और मधुसूदन बाउरी को गिरफ्तार कर लिया है।

DoT के TAFCOP पोर्टल पर बलियापुर थाना क्षेत्र की एक मोबाइल दुकान के एनालिसिस में संदिग्ध गतिविधियों का पता चला था। दुकान की पॉस (POS) मशीन का दुरुपयोग कर शीतलपुर गांव के सीधे-साधे और गरीब ग्रामीणों के नाम पर रिकॉर्ड संख्या में फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए जा रहे थे। जांच में पाया गया कि एक-एक ग्रामीण के नाम पर 11, 14, 15 और 20 तक सिम कार्ड बेहद कम समय में जारी किए गए थे, जिनका उपयोग देशभर में ठगी के लिए हो रहा था।

पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि गिरोह के सदस्य ग्रामीणों को फुसलाकर दुकान लाते थे और उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम जारी करवाते थे। इसके साथ ही उन्हीं ग्रामीणों के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक में फर्जी ‘म्यूल अकाउंट्स’ खोले जाते थे। इन खातों में फर्जी सिम लिंक कर पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम का पूरा एक्सेस साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जब इन सिम कार्ड्स की जांच की गई, तो देशभर से ठगी की दर्जनों शिकायतों के एक्नॉलेजमेंट नंबर प्राप्त हुए। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शिवंजीत देव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस ने मामले में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया है और अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

ग्रामीण एसपी ने आम जनता से अपील की है कि थोड़े से पैसों या कमीशन के लालच में आकर किसी को भी अपने नाम पर सिम कार्ड न निकालने दें और न ही अपना बैंक खाता किराए पर दें। यदि आपके नाम से जारी सिम या बैंक खाते का इस्तेमाल किसी साइबर अपराध में होता है, तो आप भी कानून की नजर में बराबर के दोषी माने जाएंगे और सीधे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। साइबर अपराधियों का माध्यम बनने से बचें और सतर्क रहें।


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