
धनबाद: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार की देर शाम कतरास थाना क्षेत्र के सेलेक्टेड गोविंदपुर में भू-धसान की एक भीषण घटना सामने आई है। अचानक जमीन धंसने से करीब आधा दर्जन घर मलबे में तब्दील होकर जमींदोज हो गए। इस भयावह हादसे के दौरान एक पीड़ित महिला मीडिया को अपनी आपबीती बयां कर रही थी, तभी उसका घर उसकी आँखों के सामने ही जमीन में समा गया। गनीमत यह रही कि महिला, उसके परिजन और मौके पर मौजूद मीडियाकर्मी समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
देखते ही देखते समा गए आशियाने, घरों में रखी सामग्रियां और मोटरसाइकिल मलबे में दबी…

घटना के वक्त स्थानीय लोग अपने-अपने घरों के भीतर मौजूद थे। अचानक हुई तेज आवाज से सहमे लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे। भू-धंसाव की चपेट में आने वाले प्रमुख मकानों में लक्ष्मण बाउरी, राजू भूईया और ईश्वर दास समेत चार लोगों के पक्के आवास पूरी तरह समा गए। हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घरों के भीतर रखे फ्रिज, गोदरेज, पंखे, कीमती खाद्य सामग्रियां और एक मोटरसाइकिल सहित सारा घरेलू सामान जमीन के अंदर दफ़्न हो गया। हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और कोहराम मच गया।

मीडिया से बात करते वक्त धंस गया घर, बाल-बाल बचे लोग…
इस घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू वह पल था जब एक स्थानीय पीड़ित महिला मीडियाकर्मियों के सामने अपनी व्यथा रख रही थी। ठीक उसी दौरान जमीन और धंसने लगी और देखते ही देखते उसका पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया। इस लाइव हादसे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं, हालांकि सभी ने भागकर अपनी जान बचाई।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, स्थानीय लोगों में भारी दहशत…
पीड़ित परिवारों ने बताया कि रात में जब वे अपने घरों में थे, तभी अचानक से तेज आवाज गूंजी और दीवारों में चौड़ी दरारें पड़ने लगीं। कुछ ही पलों में पूरा घर नीचे धंस गया। लगातार हो रही बारिश के कारण कतरास और आसपास के क्षेत्रों में भू-धसान का खतरा और अधिक बढ़ गया है, जिससे स्थानीय निवासियों में अपने घरों और जान-माल की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और खौफ का माहौल बना हुआ है। घटना के बाद से ही इलाके के लोग दहशत में खुले आसमान के नीचे या सुरक्षित स्थानों पर रात गुजारने को मजबूर हैं।
अवैध खनन और कोयला कटाई बनी नासूर…..
कतरास क्षेत्र में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी छाताबाद और सोनारडीह इलाके के टांड़बाड़ी में भू-धंसाव की ऐसी कई घटनाएं तबाही का मंजर दिखा चुकी हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का साफ तौर पर मानना है कि इन लगातार हो रही घटनाओं के पीछे मुख्य वजह क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जारी अवैध रूप से कोयला कटाई और असुरक्षित भूमिगत खनन है। प्रशासन की लापरवाही और कोयला माफियाओं की अवैध गतिविधियों के कारण आज आम नागरिकों का जीवन दांव पर लगा हुआ है। क्या सेलेक्टेड गोविंदपुर में चार गरीब परिवारों के आशियाने जमीन में समा जाने के बाद अब भी प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की नींद खुलेगी? यह एक ऐसा गंभीर सवाल है जिसका जवाब पूरा धनबाद जिला मांग रहा है। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों के मोर्चे पर पहुंचने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजे एवं पुनर्वास की उम्मीद पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
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