धनबाद —झरिया विधान सभा में भगवान बिरसा मुंडा के नाम से सुदामडीह मोहलबनी स्थित दामोदर नदी पर 42 वर्ष पूर्व बना बिरसा पुल इन दिनों जर्जर हो गया है, इस पुल से प्रति दिन हजारों भारी वाहनों का आवागमन होता है, धनबाद को बोकारो के अलावा ये पुल पश्चिम बंगाल को भी जोड़ता है, आम लोगों के लाइफ लाइन कहें जाने वाले इस पुल पर चलना खतरनाक साबित हो रहा है,बावजूद इसके सरकार व जिला प्रशासन उदासीन है, पुल की सड़कों पर दर्जनों स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं और ढलाई का तार और सरिया बाहर निकला हुआ है,यहां तक कि रेलिंग भी टूटी हुई है.जर्जर होने के कारण उसके टुकड़े नीचे गिर रहें है.. पुल पर लाइट की व्यवस्था नहीं होने से रात में अंधेरा पसरा रहता है, इससे राहगीर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं, रहागीरों का कहना है कि इस पुल पर गड्डे और जल जमाव के कारण गाड़ियां हिजकोले मारती हुई पार होती है, रहागीरों ने यह भी बताया की यह बिरसा पुल धनबाद- झरिया से बोकारो के अलावा, जमशेदपुर, रांची, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, आद्रा, बांकुड़ा, रघुनाथपुर, संतालडीह आदि मुख्य शहरों के साथ ओडिशा व दक्षिण के अन्य राज्यों को भी सड़क मार्ग से जोड़ती है, अगर समय रहते पुल की मरम्मत की दिशा में जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है, रहागीरों का दावा है कि डिनोबिली मोड़ से बिरसा पुल तक सड़क बनानेवाले ठेकेदार को कार्य विस्तारित कर दिया गया था, सही ढंग से कार्य नहीं होने के कारण ही इसकी हालत ऐसे हुई , कुछ लोगों का यह भी तर्क है कि क्षमता से अधिक भार वाले वाहन लगातार आवाजाही कर रहे हैं, इस कारण पुल पर गड्ढे बन रहे हैं, बताते चलें कि पुल 1980-81 में बिहार सरकार के कार्यकाल में बनाया गया था, जिसका उदघाटन तत्कालीन सांसद स्व. एके राय के द्वारा किया गया था. There is no ads to display, Please add someAdmin OfficeLike this:Like Loading... Related Post Disclaimerस्पष्टीकरण : यह अंतर्कथा पोर्टल की ऑटोमेटेड न्यूज़ फीड है और इसे अंतर्कथा डॉट कॉम की टीम ने सम्पादित नहीं किया है Disclaimer :- This is an automated news feed of Antarkatha News Portal. It has not been edited by the Team of Antarkatha.com Post navigation गोपालीचक 17 नंबर जीटीएस आउटसोर्सिंग में कांग्रेस कमेटी का एक दिवसीय धरना धनबाद में धन उगाही बन कर रह गया है अतिक्रमण उन्मूलन अभियान