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दिशोम गुरु को ‘पद्म भूषण’ देना विडंबना, वे भारत रत्न के हकदार”: कृतिवास मंडल ने केंद्र के निर्णय पर उठाए सवाल

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Jan 27, 2026

 

सरायकेला: राष्ट्रीय सुढी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री कृतिवास मंडल ने केंद्र सरकार द्वारा दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष इतना विराट था कि उन्हें ‘भारत रत्न’ से कम कुछ भी देना उनके ऐतिहासिक योगदान के साथ न्याय नहीं है।

फिल्मी कलाकारों से तुलना और नाराजगी

श्री मंडल ने एतराज जताते हुए कहा कि यह बेहद दुखद है कि करोड़ों रुपये लेकर काम करने वाले फिल्मी कलाकारों को पद्म विभूषण जैसे उच्च सम्मान मिल जाते हैं, लेकिन जिस जननायक ने अपना पूरा जीवन आदिवासी-मूलवासी समाज के हक और अलग झारखंड राज्य के निर्माण में लगा दिया, उन्हें केवल पद्म भूषण तक सीमित रखा गया।

दिशोम गुरु का कद और संघर्ष

उन्होंने गुरुजी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा:

झारखंड के पुरोधा: शिबू सोरेन केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि देश के वंचितों और दलितों के सर्वमान्य नेता थे।

विराट अनुभव: वे 11 बार सांसद और 3 बार मुख्यमंत्री रहे, जो उनके प्रति जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

राष्ट्रीय पहचान: झारखंड आंदोलन को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

“सम्मान का स्वागत, पर हक भारत रत्न का”

कृतिवास मंडल ने कहा कि हालांकि पद्म भूषण की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन केंद्र सरकार को अपनी नीति पर पुनर्विचार करना चाहिए था। उन्होंने पुरजोर मांग की कि गुरुजी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ दिया जाना चाहिए।

 

 


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